
वर्ल्ड कप ट्रॉफी को चूमते वैभव सूर्यवंशी और उन्हें निहारती भारतीय टीम। (फोटो सोर्स: IANS)
Who players could get chance in Indian senior team: भारत ने रिकॉर्ड छठी बार आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल में तो भारतीय टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जो आज तक कोई टीम नहीं कर सकी है। इस खिताबी जीत के सबसे बड़े हीरो 14 साल के वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने 80 गेंदों पर 175 रन की धमाकेदार पारी खेलकर पहले हाफ में मैच को एकतरफा बना दिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने भारतीय सीनियर टीम में अपनी दस्तक दे दी है। उनके अलावा तीन ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया है। आइये इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले उन प्लेयर्स के बारे में आपको बताते हैं, जो सीनियर टीम में जगह बनाने के सबसे बड़े दावेदार हैं।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 206 में 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने सात मैचों की सात पारियों में 62.71 के औसत और 169.50 के शानदार स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 41 और 30 छक्के आए। फाइनल में महज 80 गेंदों पर 15 चौके और इतने ही छक्कों की मदद से वैभव ने 175 रन की धमाकेदार पारी खेली।
इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड के साथ पूरे टूर्नामेंट में तूफानी प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। वह भारत के अगले वनडे असानमेंट में टीम इंडिया में जगह बना सकते हैं।
वहीं, हेनिल पटेल की बात करें तो उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सात मैचों में 17.73 के औसत से 11 विकेट अपने नाम किए। इस टूर्नामेंट में उन्होंने भारत के लिए सबसे अच्छा गेंदबाजी प्रदर्शन किया है। इस दौरान उनकी इकॉनमी भी साढ़े चार से कम की रही है। दाएं हाथ का ये 18 वर्षीय मीडियम पेसर आने वाले कुछ सालों में ही भारतीय टीम में जगह बना सकता है।
भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे भले ही इस टूर्नामेंट में ज्यादा रन नहीं बना सके हैं, लेकिन उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ जीत में महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, जिसके चलते भारत 400+ का स्कोर बना सका। 18 वर्षीय आयुष ने इस अंडर-19 वर्ल्ड कप के सात मैचो की सात पारियों में 30.57 के औसत और 113.23 के स्ट्राइक रेट से कुल 214 रन बनाए।
इस दौरान उनके बल्ले से तीन अर्धशतक आए। आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह भी भारतीय टीम में जगह बनाने के हकदार हैं, लेकिन विडम्बना ये है कि इस समय टीम इंडिया में बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए ओपनिंग स्पॉट खाली नहीं है।
17 साल के अभिज्ञान कुंडु की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी के बाद वह भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दूसरे बल्लेबाज रहे हैं। मध्यक्रम के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने सात मैचों की पांच पारियों में 59.75 के औसत और 87.55 के स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक आए। मध्यक्रम में उनकी पारी संभालने की क्षमता को देखते हुए वह भी जल्द ही बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज भारतीय टीम में जगह पा सकते हैं।
Published on:
07 Feb 2026 12:16 pm
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