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भाव अस्थिरता का असर: चांदी की महज 5 प्रतिशत, सोना की रह गई 30 प्रतिशत बिक्री

शादी का सीजन शुरू होने के बाद भी सराफा बाजार में नजर आ रही मंदी, सोना-चांदी के भाव में रोज हो रहा उतार-चढ़ाव

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दमोह

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Samved Jain

Feb 06, 2026

शादी का सीजन शुरू होने के बाद भी सराफा बाजार में नजर आ रही मंदी, सोना-चांदी के भाव में रोज हो रहा उतार-चढ़ाव

शादी का सीजन शुरू होने के बाद भी सराफा बाजार में नजर आ रही मंदी, सोना-चांदी के भाव में रोज हो रहा उतार-चढ़ाव

दमोह. शादी का सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में सबसे ज्यादा सोने और चांदी की खरीदी होती है, लेकिन इस बार सोने और चांदी के भाव में चल रही अस्थिरता का असर सीजन में भी देखने मिल रहा है। सराफा बाजार में इन दिनों में भी मंदी है और ग्राहकों का इंतजार किया जा रहा है। स्थिति यह है कि चांदी की खरीद महज ५ प्रतिशत ही रह गई है, जबकि सोना अब भी ३० प्रतिशत तक बिक रहा है। विदित हो कि चांदी ढाई लाख रुपए किलो से ऊपर तो सोना करीब डेढ़ लाख प्रति १० ग्राम तक बिक रहा है।
बाजार में सीजन शुरू होने के बावजूद बाजार में अपेक्षित रौनक नजर नहीं आ रही है। जहां आमतौर पर इस समय ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहीं इन दिनों कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। सराफा व्यापारी इसे भाव की अस्थिरता का सीधा असर बता रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में सोने-चांदी के दामों में तेजी और गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। एक-दो दिन में ही हजारों रुपए का अंतर आ रहा है, जिससे ग्राहक असमंजस की स्थिति में हैं। यही कारण है कि लोग खरीदारी को टाल रहे हैं या सीमित मात्रा में ही खरीद रहे हैं। एक ओर बिक्र में कमी है, दूसरी ओर माल की ऊंची लागत और भाव गिरने का जोखिम भी व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है। यदि ऊंचे दाम पर खरीदा गया स्टॉक अचानक सस्ता हो जाए तो सीधा नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में व्यापारी फिलहाल सावधानीपूर्वक सीमित स्टॉक रख रहे हैं।

30 से 40 प्रतिशत तक घटा कारोबार
सराफा व्यापारियों का अनुमान है कि पिछले साल की तुलना में इस बार शादी सीजन में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कारोबार प्रभावित हुआ है। जहां पहले प्रतिदिन अच्छी बिक्री होती थी, वहीं अब कई दिनों तक बड़े सौदे नहीं हो पा रहे हैं। छोटे गहनों और हल्के आभूषणों की मांग ही किसी तरह बाजार को संभाले हुए है।

पुराने गहनों पर पॉलिश से चल रहा काम
भाव बढऩे और अस्थिरता के कारण कई परिवार पुराने गहनों को पॉलिश करवा कर या री-डिजाइन करवा कर काम चला रहे हैं। कुछ लोग सोने के बजाय आर्टिफिशियल ज्वेलरी या हल्के वजन के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई परिवार नकद राशि देने या अन्य उपयोगी सामान उपहार में देने का विकल्प चुन रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की अनिवार्यता कम हो रही है।

क्या कहते है सराफा व्यापारी
शादी का समय होने के बावजूद ग्राहक भाव स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं। रोजाना रेट बदलने से लोगों का भरोसा डगमगा रहा है। पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 35 प्रतिशत बिक्री कम है।
शैलेंद्र नायक, सराफा व्यापारी

ग्राहक पहले पूरे सेट या भारी जेवर खरीदते थे, लेकिन अब लोग सिर्फ जरूरी सामान ही ले रहे हैं। कई लोग बुकिंग करवा कर भी डिलीवरी टाल रहे हैं। इससे नकदी का काम भी प्रभावित हो रहा है।
सोनू नाायक, सराफा व्यापारी

चांदी में भी उतार-चढ़ाव ज्यादा है। पहले शादी में 1-2 किलो तक चांदी की खरीदी हो जाती थी, अब लोग आधा किलो या उससे भी कम में काम चला रहे हैं। लगभग 30-40 प्रतिशत का फर्क साफ दिख रहा है।
प्रदीप सोनी, सराफा व्यापारी