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दिखावे ने बढ़ाया सात फेरों का बजट, महंगाई में लोगों की टूट रही कमर

परंपराओं का भी नहीं रखा जा ध्यान, तीन-तीन दिन के हो रहे आयोजन

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दमोह

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Samved Jain

Feb 06, 2026

मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध अब समाप्त होने जा रहा

दमोह. महंगाई की मार रोजमर्रा की जरूरतों के साथ अब विवाह समारोहों पर भी पड़ रही है। बुधवार से एक बार फिर शादी का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में इस बार भी करोड़ों रुपए शादी के सीजन में लोगों के खर्च होने वाले हैं। खास बात यह है कि अब सिर्फ बेटी की विदाई महंगी नहीं पड़ती है, बल्कि लड़के का विवाह भी दिखावे के चक्कर में महंगा पड़ रहा है। फिल्मी असर के चलते कुछ नई परंपराएं जोडऩे और पुरानी परंपराओं का नया रूप आने के बाद खर्च और ज्यादा बढ़ गया है।
बीते सालों की तुलना में सात फेरे 30 से 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। मध्यमवर्गीय परिवार के लिए विवाह समारोह अब आसान नहीं रहा है। हालांकि, इसके बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। रीति रिवाज के अनुसार लोग मैरिज गार्डन सहित हलवाई, बैंड आदि की एडवांस बुकिंग कर रहे हैं। खर्च घटाने के लिए मेन्यू में कटौती के साथ गैर जरूरी औपचारिकताओं को छोड़ बाकी रस्मों के लिए तैयारियां कर रहे हैं।

फिल्मों ने दिए नए टिप्स, बढ़ गए खर्चे
बॉलीवुड की तर्ज पर विवाह समारोहों का आयोजन होने लगा हैं। पहले जहां मेहंदी, हल्दी जैसे आयोजन घर की महिलाएं कर लिया करती थीं, वहीं अब ये पारंपरिक आयोजन भी बड़े स्तर पर होने लगे हैं। जिनमें कपड़ों से लेकर सजावट, फोटो/वीडियोग्राफी पर बड़ा खर्च किया जा रहा है। साथ ही पहले जहां विवाह कार्यक्रम शुरू होते ही घर की बुजुर्ग महिलाएं ढोलक पर मंगल गीत गाया करती थीं, हर रस्म के अलग गीत होते थे, लेकिन अब एक दिन महिला संगीत के लिए रखा जाता है, जिसके आयोजन पर बड़ा खर्च किया जाता है। प्री वेडिंग फोटोग्राफी का खर्च भी विवाह समारोहों के खर्च में बढ़ोतरी कर रहा है।


-शादियों के लिए तैयार हुए मैरिज गार्डन
हालत तो यह बन गए हैं कि बेटी के जन्म के साथ ही उसकी शादी की तैयारियां माता-पिता शुरू कर देते हैं, क्योंकि शादियां अब लाखों रुपए की हो गई है। इन दिनों लगभग सभी मैरिज गार्डन बुक हो चुके हैं। दिखावे की इस दुनिया में कोई भी मां-बाप अपनी हैसियत ना होते हुए भी बड़ा गार्डन और तमाम सुविधाएं जुटाने के प्रयास में लगा हुआ है। मैरिज गार्डन और होटल में 1 लाख से लेकर 8 लाख रुपए तक में बुक हो रहे हैं। उस पर बिजली विभाग द्वारा अस्थाई कनेक्शन लेकर 10 से लेकर 15 रुपए तक प्रति यूनिट का खर्चा लिया जाता है।

भोजन में भी मल्टी डिश की मांग
दरअसल, पहले विवाह आयोजनों में खाने का मेन्यू सामान्य और पारंपरिक होता था, लेकिन अब युवा और महिलाएं मेन्यू तय करते हैं। जिसमें पारंपरिक भोजन के साथ अब चाइनीज, कांटीनेंटल, इटालियन, मैक्सिकन फूड पसंद की जा रही हैं। इनके कारण भोजन का खर्च 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। पहले जहां 200 लोगों का भोजन 100 से 150 रुपए थाली के हिसाब से हो जाता था वही अब बढ़कर 250 से 500रुपए तक पहुंच गया है।
इस तरह बढ़ा विवाह का खर्च

मैरिज गार्डन पहले 20-25 हजार तक, अब १ लाख से लेकर या होटल 10 लाख रुपए तक

फोटो/वीडियो पहले 15-18 हजार तक, अब 25 हजार से ढाई लाख तक

खाने का खर्च पहले 60-70 हजार तक, अब डेढ़ से पांच लाख (200 मेहमानों पर)

थीम पहनावा पहले 10-20 हजार तक, अब डेढ़ से पांच लाख

मेहंदी/हल्दी पहले घर खर्च में, अब 50 हजार से 2 लाख तक

संगीत पहले घर में ही, अब 30 हजार से 3 लाख तक खर्च