
पत्रिका फाइल फोटो
दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में कुण्डल तहसील मुख्यालय क्षेत्र से होकर गुजर रहे दौसा-कठूमर स्टेट हाईवे-78 का काम पूरा होने से पहले ही विरोध के सुर तेज हो गए है। ग्रामीणों ने दौसा–कठूमर स्टेट हाईवे–78 को 1984 में हुए सर्वे के अनुसार कुण्डल कस्बे में होकर निकालने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ऐसे में 1984 का मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया
ग्रामीणों ने बताया कि 1984 में कुण्डल कस्बे में होकर एमडीआर-48 का सर्वे कर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उस समय सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि का अधिकांश लोगों को मुआवजा राशि नहीं प्रदान की गई थी। लेकिन कुछ लोगों के विरोध के चलते सड़क निर्माण कार्य रुक गया था।
अब एमडीआर को स्टेट हाइवे में तब्दील करने के बाद कुण्डल में बगीची बस स्टैण्ड से तलाई बस स्टैण्ड तक सिंगल लाइन की सड़क होने से कई घंटों तक जाम लग जाता है। जिससे वाहन चालकों सहित कस्बेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा 1984 में किए गए सर्वे के अनुसार सड़क निर्माण कार्य करवाने की मांग जिला कलक्टर से की गई है।
ज्ञापन में बताया कि MDR 48 सड़क सन् 1979 में स्वीकृत हुई थी और इसका निर्माण कार्य 1984 में शुरू हुआ था। सड़क का अधिकांश कार्य भी हो गया था, केवल डामरीकरण का कार्य शेष था। ऐसे में कुछ लोगों द्वारा स्टे लगा देने के कारण यह कार्य रुक गया था।
कस्बेवासियों ने बताया कि यदि स्टेट हाईवे कुण्डल कस्बे से बाहर होकर निकलता है, तो कुण्डल का कोई औचित्य नहीं रहेगा। ऐसे में उन्होंने हाईवे को कुण्डल कस्बे में होकर ही निकालने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में कुण्डल मण्डल भाजपा आईटी सेल प्रभारी रवि उपाध्याय, हरिनारायण शर्मा, ताराप्रकाश शर्मा, पवन शर्मा, विमल प्रजापति, रतनलाल शर्मा, वार्डपंच लालाराम जांगिड़, सूरजमल शर्मा, वार्डपंच प्रभु दयाल ज्योतिषी, भागचन्द मीणा, मनीष मीणा,ख्यालीराम सैनी, वीनू जोशी, बिहारीलाल आदि शामिल रहे।
Published on:
28 Jan 2026 03:45 pm
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