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गर्मी की दस्तक के साथ पानी का संकट: हाथों में खाली बर्तन लहराकर किया प्रदर्शन

लवाण में दस दिन से नहीं आ रहा नलों में पानी  

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गर्मी की दस्तक के साथ पानी का संकट: हाथों में खाली बर्तन लहराकर किया प्रदर्शन

लवाण. दूरदराज के कुंओं से पानी लाती बालिकाएं।

दौसा. लवाण नगरपालिका मुख्यालय पर प्रजापति, जागा और बैरवा सहित एक दर्जन से अधिक मोहल्लो में दस दिन से नलों में पीने का पानी के नहीं आ रहा है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने हाथों में खाली बर्तन लहराकर जलदाय विभाग व नगरपालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण

पूजा देवी, ललिता देवी, आशादेवी, निक्की, कालुराम,फैलीराम प्रजापति, रामवतार, कैलाश और विजय ने

बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पानी की कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। दस दिन में नलों में पीने का पानी नहीं आ रहा है। जो आता है, वह भी खारा, जो कि पीने योग्य नहीं है।

महिलाओं ने बताया कि जलस्तर गहराने से हैंडपंपों से तो पानी के बजाय मात्र हवा ही निकल रही है। पहले दो दिन में एक बार नलों में पीने का पानी आ रहा था, लेकिन अब दस दिन गुजर जाने के बाद भी पानी नहीं आ रहा है।

कस्बे में जलदाय विभाग ने आठ बोरवेल खुदवा रखे हैं। जिनसे वाटर बाक्स पर बनी टंकियों में पानी भरा जाता है, लेकिन बोरवेल में मोटर खराब होने के कारण भी नलों में पानी नहीं आ रहा है। कर्मचारियों ने बताया बोरवेलों में पानी कम हो गया है। इससे टंकी में पानी नहीं भर पा रहा है।

सांसद के आदेशों की नहीं की हुई पालना
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले कस्बे में श्रवण के कुएं पर दौसा सांसद जसकौर मीणा ने जनसुनवाई की थी। जिसमें ग्रामीणों ने पेयजल का मुद्दा उठाया था। इस पर सांसद ने दौसा जलदाय विभाग को फोन करके तालाब में होकर जा रही बीसलपुर की लाइन से टंकी में पानी भरने के लिए कहा था, लेकिन एक माह निकल जाने के बाद भी पानी नहीं भरा गया है। इससे परेशानी हो रही है।
कस्बे में रोजाना साढ़े चार लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन डेढ़ लाख लीटर पानी भी पीने का नहीं मिल रहा है।
टैंकरों की हो वाटर बाक्स पर व्यवस्था
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल जलदाय विभाग ने टैंकर लगाए थे। जो दूर से दिन भर पानी लाकर जमीन स्तर पर बनी टंकी में पानी भरते थे। उसके बाद उस टंकी से पम्प हाउस के द्वारा पानी को उच्च जलाशय की टंकी में पानी भरा जाता था और उससे नलों में छोड़ा जाता था। इससे लोगों को पीने का पानी मिल जाता था।


बोरवेलों में पानी कम हुआ

बोरवेलों में पानी कम होने से व्यवस्था जलापूर्ति गड़बड़ाई है। उच्चाधिकारियों से बात करके टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी। नगरपालिका को भी पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
हरिओम मीणा,सहायक अभियंता जलदाय विभाग दौसा।