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24 घंटे में 25 लोगों को काटने वाले कुत्ते की मौत,  घातक वायरस की पुष्टि, मचा हड़कंप

Canine Distemper Virus : 24 घंटे में 25 लोगों को काटने वाले संदिग्ध कुत्ते की छह दिन के भीतर ही मौत हो गई है। कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से कुत्ते की मौत होने की पुष्टि हुई है। कुत्ते की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। अब नगर निगम की टीम संदिग्ध कुत्ते के संपर्क में आए जानवरों और लोगों को ट्रेस कर रही है।

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A dog suspected of biting 25 people in 24 hours has died of canine distemper virus, causing panic

हल्द्वानी में 25 लोगों को काटने वाले कुत्ते की मौत हो गई है

Canine Distemper Virus : 24 घंटे के भीतर 25 लोगों को काटकर दहशत का पर्याय बन चुके लावारिस कुत्ते की मौत हो गई है। ये मामला उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी के मल्ला बमौरी के वार्ड 48 की है। यहां पर 28 और 29 जनवरी को एक लावारिस कुत्ता अचानक बेहद आक्रमक हो गया था। उस कुत्ते ने 24 घंटे के भीतर 25 लोगों को काट दिया था। उनमें से कुत्ते ने दो लोगों को बुरी तरह से नोच भी दिया था। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। बीते गुरुवार को हल्द्वानी नगर निगम की टीम ने अभियान चलाते हुए एक संदिग्ध कुत्ते को पकड़ कर राजपुरा के एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में बने बाड़े में रख दिया था। तब से टीम उस संदिग्ध कुत्ते की बाड़े में ही मॉनिटरिंग कर रही थी। पकड़े जाने के छठवें दिन मंगलवार सुबह बाड़े में ही कुत्ते की मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। सबसे ज्यादा चिंतित वह लोग हुए हैं, जिन्हें इस कुत्ते ने बीते दिनों काटा था। नगर निगम इस कुत्ते के संपर्क में आए जानवरों को भी ट्रेस कर रही है।

जानें क्या है ये वायरस

कैनाइन डिस्टेंपर वायरस कुत्तों में फैलने वाला एक बेहद संक्रामक और घातक वायरल रोग है। ये वायरस श्वसन, पाचन और तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। यह वायरस संक्रमित जानवरों के खांसने, छींकने या लार से हवा के माध्यम से फैलता है।  इसके कारण इसमें बहुत उच्च मृत्यु दर होती है। यह वायरस मुख्य रूप से पिल्लों को प्रभावित करता है। समय पर टीकाकरण ही इसका एकमात्र बचाव है। इसके अलावा इसका कोई अन्य उपचार नहीं है। समय पर टीका नहीं लगने पर वायरस से ग्रसित कुत्ते की मौत हो जाती है।

रैबीज की नहीं हुई पुष्टि

24 घंटे के भीतर 25 लोगों को काटने वाले कुत्ते में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस पाया गया है। इसके कारण ही कुत्ता आक्रमक होकर लोगों को काट रहा था। चिकित्सकों के अनुसार कुत्ते में रैबीज के लक्षण नहीं मिले हैं, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत भी मिली है। कुत्ते की मौत के बाद अब उसके संपर्क में आने वाले जानवर और लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। नगर निगम कुत्ते में रैबीज के लक्षण नहीं मिलने का दावा कर रहा है। नगर निगम के वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल के मुताबिक कुत्ते में रैबीज के लक्षण नहीं मिले हैं। उसकी मौत कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से हुई है। लोगों से अपील की जा रही है कि रोगग्रस्त कुत्तों के संपर्क में आने पर टिटनेस और रैबीज का टीका जरूर लगवाएं। बताया, कुत्तों के वैक्सीनेशन का अभियान तेज किया जा रहा है।