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व्हीलचेयर में पहुंची बुजुर्ग बोलीं- मैं जिंदा हूं, फिर मेरा नाम क्यों कटा? मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने की शिकायत

SIR News: बुधवार को शहर के अधारी नवागांव वार्ड निवासी बैतुल कौसर मुस्लिम समाज के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। व्हीलचेयर में बैठी बुजुर्ग ने कहा कि मैं जिंदा हूं, मेरा नाम कैसे कट गया।

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व्हीलचेयर में पहुंची बुजुर्ग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

व्हीलचेयर में पहुंची बुजुर्ग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

SIR News: विशेष मतदाता पुनरीक्षण के तहत जिले में मतदाताओं के घर-घर जाकर पड़ताल की गई। मतदाताओं से सुबूत के साथ आवेदन लिया गया। इधर कई मतदाताओं का नाम छूटने, त्रुटि की शिकायत भी हो रही है। बुधवार को शहर के अधारी नवागांव वार्ड निवासी बैतुल कौसर मुस्लिम समाज के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। व्हीलचेयर में बैठी बुजुर्ग ने कहा कि मैं जिंदा हूं, मेरा नाम कैसे कट गया। इस मामले को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर फर्जी शिकायत करने और मुस्लिम समाज के लोगों का नाम काटने का आरोप लगाया। समाज द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया गया।

ज्ञापन में बताया गया कि अधारी नवागांव वार्ड में लगभग 150 मतदाताओं के नाम काटने के लिए तहसीलदार कार्यालय में आवेदन दिया गया है। आरोप है कि इन आवेदनों में किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। इतना ही नहीं, वार्ड के मतदाता बैतुल कौसर को मृत घोषित कर उनका नाम मतदाता सूची से हटाने का आवेदन दिया गया, जबकि वे जीवित हैं।

इसी तरह मगरलोड क्षेत्र में भी मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के लिए राधा नामक महिला के फर्जी हस्ताक्षर से आवेदन देने का आरोप लगाया गया है। संबंधित महिला का कहना है कि उन्होंने नाम कटाने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। मुस्लिम समाज ने दावा किया कि इस तरह की फर्जी प्रक्रिया जिले के अन्य वार्डों और गांवों में भी अपनाई जा रही है, जिससे समुदाय में भारी आक्रोश है। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के सदर शेख राजू मोबिन, बशीर अहमद, सलीम रोकडिय़ा, अफजल रिजवी आदि उपस्थित थे।

समाज ने कार्रवाई की रखी मांग

ज्ञापन में प्रशासन से तत्काल रोक लगाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग मुस्लिम समाज द्वारा की गई। चेतावनी दी गई कि ३ दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो मुस्लिम समाज एवं पीडि़त मतदाता आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।