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जिम्मेदारों की बेरुखी बनी आम आदमी के कलह का कारण

-घोंसला विहार कालोनी में जलनिकासी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने -ओड़ेला ताल तक जलनिकासी को परिषद ने बनाया था कच्चा नाला जो अधूरा छोड़ा -घोंसला विहार कालोनी के हाल बेहाल घरों के आगे तीन-फीट पानी धौलपुर.जिम्मेदारों के अनैतिक कार्य आम आदमी के कलह का कारण बन रहे हैं। जो कब न जाने हिंसक लड़ाई का […]

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जिम्मेदारों की बेरुखी बनी आम आदमी के कलह का कारण The indifference of those responsible became the reason for the discord of the common man

-घोंसला विहार कालोनी में जलनिकासी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

-ओड़ेला ताल तक जलनिकासी को परिषद ने बनाया था कच्चा नाला जो अधूरा छोड़ा

-घोंसला विहार कालोनी के हाल बेहाल घरों के आगे तीन-फीट पानी

धौलपुर.जिम्मेदारों के अनैतिक कार्य आम आदमी के कलह का कारण बन रहे हैं। जो कब न जाने हिंसक लड़ाई का रूप ले ले। रविवार सुबह-सुबह ऐसा ही नजारा घोंसला विहार कालोनी में देखने को मिला, जब जलनिकासी को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। मामला द्वंद्व तक पहुंचा गया, जो काफी देर चलता रहा, लेकिन इस दौरान न जिला प्रशासन और न ही नगर परिषद का अधिकारी कर्मचारी लोगों की समस्या को दूर करने पहुंचा।

शहर में पिछले तीन सालों से जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और नगर परिषद अभी तक इस समस्या का हल तो दूर लोगों को राहत तक नहीं दे पाए हैं। जलभराव की समस्या एक-दो कालोनी में नहीं बल्कि दो दर्जन कालोनियां इसकी जद में हैं...यानी अभी भी कई कालोनियों में भारी जलभराव हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालात नर्सरी, हुण्डावाल नगर, गौशाला क्षेत्रों में बनी हुई है। जहां घरों के आगे तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है। नगर परिषद ने नर्सरी और हुण्डावाला क्षेत्र में हो रही जलभराव को दूर करने घोंसला कालोनी के पास रेलवे ट्रेक पर पुलिया और कच्चे नाले का निर्माण कराया था। जिसके माध्यम से पानी की निकासी की जानी थी, लेकिन परिषद के आधू अधूरे कार्य क्षेत्र के लोगों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। सुबह जलनिकासी को लेकर घोंसला कालोनी के लोग आमने सामने हो गए।

बताया जाता है कि एक पक्ष के लोगों ने शनिवार रात्रि कच्चेनाले को अवरुद्ध कर दिया, जिससे पानी कालोनी में दूसरी तरफ भरने लगा। रविवार सुबह जब कालोनी के लोग जागे तो अपने घरों के आगे पानी देख विफर पड़े और अवरुद्ध नाले को खोलने की मांग करने लगे। जिसको लेकर दोनों पक्षों के लोग झगड़ा करने तक पर उतारू हो गए। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर आरोप लगाते हुए कहा अधिकारी आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन उनकी समस्या तस की तस है। स्थानीय निवासियों के अनुसार तीन दिन पहले नगर परिषद की टीम नाला खुलवाने के लिए मौके पर पहुंची थी। हालांकि, टीम बिना कोई कार्रवाई किए ही लौट गईए जिससे आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

नहर पर नहीं...बल्कि रास्ते और खेतों में खोदा नाला

देखा जाए तो यह समस्या नगर परिषद की ही देन हैं। जिसने क्षेत्र के जलभराव को दूर करने रेलवे लाइन पर पुलिया तो बना दी, लेकिन जल निकासी को नाला उसी स्थान पर नहीं खोदा गया, जहां पहले नहर हुआ करती थी। परिषद ऐसा कर भी नहीं सकती, क्योंकि नहर के स्थान पर अब बहुमंजिला इमारतों का निर्माण जो चुका है। अब ऐसी स्थिति में परिषद ने जहां से रास्ता मिला वहीं से कच्चा नाला खोद डाला। फिर चाहे वह आम रास्ता हो या फिर किसी का खेत। सबसे बड़ी बात यह रही कि परिषद ने ओंडेला ताल तक पानी निकासी के लिए नाला नहीं खोदा, जिस कारण पानी भी कालोनी के आसपास और खेतों में भर रहा है।

लोगों ने कच्चा नाला किया अवरुद्ध, भरा पानी

तय स्थान और तय जगह तक नाला नहीं बनाने से घोंसला बिहार क्षेत्र में बदतर हालात बने हुए हैं। नाले से निकलने वाला पानी क्षेत्र में भर रहा है, जिस कारण ही एक पक्ष के लोगों ने रात्रि के समय नाला अवरुद्ध कर दिया और पानी डायवर्ट होकर कालोनी के दूसरे हिस्से में पानी भरने लगा। क्षेत्र में हालात इतने विकराल हैं कि घरों के आगे तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है। लोगों के आने-जाने तक के लिए रास्ता नहीं और यही कारण दो पक्षों में झगड़े और विवाद का कारण बना, मगर इस सबके बाद भी न जिला प्रशासन और न ही नगर परिषद इन पीडि़तों की सुध ले रहा।