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इदरीश ने झांसा देकर कराया धर्म परिवर्तन, बीमार बेटे ने कर ली आत्महत्या, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा

Case filed on court order: फर्रुखाबाद में बीमारी दूर करने के लिए धर्म परिवर्तन करा दिया, लेकिन दूर नहीं हुई। बेटे ने आत्महत्या कर ली। शिकायत के बाद भी पुलिस से कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित को अदालत से न्याय मिला।

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अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा, फोटो सोर्स- मेटा एआई

फोटो सोर्स- मेटा एआई

Farrukhabad Crime News: फर्रुखाबाद में एक पिता बेटे की बीमारी दूर करने के लिए झाड़-फूंक करने वाले के पास पहुंच गया। उसने बीमारी दूर करने के लिए ताबीज बनाकर दिया और बोला, "एक गले में पहन लो और एक ताबीज का पानी पीना है," लेकिन बीमारी दूर नहीं हुई। इस पर झाड़-फूंक करने वाले ने कहा कि मुस्लिम धर्म अपना लो, सारी बीमारी दूर हो जाएगी। बेटे की बीमारी दूर करने के लिए पिता ने बेटे के साथ मुस्लिम धर्म भी अपना लिया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। पीड़ित ने बताया कि इस दौरान उससे करीब 45000 रुपए ले लिए। पैसे वापस मांगने पर उसके और बेटे के साथ मारपीट की गई। बीमार परेशान बेटे ने आत्महत्या कर ली। इस संबंध में पुलिस को शिकायती पत्र लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मामला कमालगंज क्षेत्र का है।

डॉक्टर छोड़ झाड़-फूंक करने वाले के पास पहुंचा पिता

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के कमालगंज क्षेत्र के बलीपुर निवासी राजकुमार का पुत्र शिवम काफी समय से बीमार चल रहा था। उसके सर में दर्द और चक्कर आने की शिकायत थी। डॉक्टर को दिखाया लेकिन कोई राहत नहीं मिली। परेशान राजकुमार ने नगला दाउद मोहल्ला निवासी इदरीश से संपर्क किया। इदरीश ने दो ताबीज बनाकर दिए, जिसमें से एक को गले में बांधने को कहा और दूसरे को पानी में डालकर पीने के लिए कहा‌।

हर हफ्ते बुलाया जाता था

राजकुमार ने बताया कि इदरीश हर हफ्ते झाड़-फूंक के लिए बुलाता था। करीब 6 महीने तक झाड़ू करते रहे लेकिन कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद उसने मुसलमान बनने को कहा और बोला, "मुस्लिम बन जाओ, बीमारी ठीक हो जाएगी।" बेटे की बीमारी दूर करने के लिए उसने अपना धर्म भी बदल दिया, लेकिन बीमारी दूर नहीं हुई। उसने इदरीश से कहा कि बीमारी ठीक नहीं हुई है, मेरे पैसे वापस करो। इस पर इदरीश और उसके पुत्र तमजीद ने मारपीट की।

पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की

राजकुमार ने बताया कि सबसे पहले 5 सितंबर को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 13 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी अमृतपुर के पास बयान दर्ज करने को कहा। उन्होंने 15 सितंबर को अपना बयान दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

बीमारी से तंग आकर बेटे ने की आत्महत्या

राजकुमार ने बताया कि उनके बेटे ने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को डाक से शिकायती पत्र भेजकर जानकारी दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने अदालत में कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत के आदेश पर पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ‌