गोरखपुर, Jun 06, 2026

पिता ने दही में जहर घोलकर ली दो मासूम बच्चों की जान | AI Generated Image
Father Poisoned Children Dead :उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गीडा थाना क्षेत्र स्थित बरवार खुर्द गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक पिता पर अपने ही दो मासूम बच्चों को जहरीला पदार्थ देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगा है। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बच्चों की पसंदीदा चीज दही में जहर मिलाकर उन्हें खिलाया था। इस दर्दनाक घटना में एक बेटा और एक बेटी की मौत हो गई, जबकि बड़ी बेटी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही।
पुलिस के अनुसार आरोपी सत्यम कुमार गुरुवार शाम करीब छह बजे घर पहुंचा था। उस समय घर में उसकी तीनों संतानें मौजूद थीं। आरोप है कि वह अपने साथ जहरीला पदार्थ लेकर आया था। सबसे पहले उसने अपने साढ़े चार वर्षीय बेटे अक्षत को जहरीला पदार्थ दिया और इसके बाद आठ वर्षीय बेटी प्राची को भी जहर दे दिया। जब उसने अपनी 11 वर्षीय बड़ी बेटी प्रज्ञा को भी वही पदार्थ पिलाने की कोशिश की तो उसने खतरे को भांप लिया और मौके से भाग निकली। बाहर निकलकर उसने शोर मचाया और परिजनों समेत आसपास के लोगों को पूरी घटना की जानकारी दी।
बड़ी बेटी के भागने के बाद आरोपी ने दोनों छोटे बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। प्रज्ञा के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को कमरे से बाहर निकाला। उस समय दोनों बच्चे अचेत अवस्था में थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई। इलाज के दौरान शुक्रवार तड़के दोनों मासूमों ने दम तोड़ दिया। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और गांव में सन्नाटा पसर गया।
मृत बच्चों की मां संजू देवी ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह उनके पति उन्हें शहर स्थित एक मार्ट पर छोड़कर गए थे। दिनभर सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन शाम को अचानक फोन पर सूचना मिली कि उनके पति बच्चों के साथ कमरे में बंद हैं। जब वह घर पहुंचीं तो देवर और अन्य परिजन बच्चों को बाहर निकाल चुके थे और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि उनके पति पिछले करीब दस वर्षों से मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं और लगातार दवा ले रहे थे।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार आरोपी सत्यम कुमार की मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं थी। उसका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले भी उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पत्नी का कहना है कि मानसिक अस्वस्थता के कारण ही उसने इतना भयावह कदम उठाया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले साक्ष्यों को खंगाल रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को पता था कि उसके बच्चों को दही बेहद पसंद है। इसी वजह से उसने जहरीले पदार्थ को दही में मिलाकर बच्चों को खिलाया। जांच अधिकारियों का मानना है कि उसने बच्चों को बिना शक हुए जहर देने के लिए यह तरीका अपनाया। बड़ी बेटी के भाग जाने के बाद उसने खुद को भी कमरे में बंद कर लिया था।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मृत बच्चों के दादा अनिल कन्नौजिया की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हिरासत में भी उसकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
एसपी नार्थ ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि बरवार गांव निवासी अनिल कन्नौजिया ने सूचना दी थी कि उनके बेटे ने अपने ही बच्चों को जहरीला पदार्थ दे दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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Updated on: 06 Jun 2026 12:42 pm

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