
जीवाजी विवि में मारपीट की घटना के बाद हॉस्टल का निरीक्षण करते कुलसचिव डॉ राजीव मिश्रा व प्रोक्टर प्रो एसके सिंह सहित अन्य अफसर।
गालव सभागार बना अखाड़ा, खाने के दौरान भडक़ा विवाद, अब तक नहीं आई शिकायत
जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खाने के दौरान रोटी मांगने को लेकर छात्रों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते मारपीट और हाथापाई में बदल गया। छात्रों की लड़ाई इतनी बढ़ गई कि सभागार में मौजूद अन्य छात्र और प्रोफेसर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन फिलहाल किसी भी छात्र ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि विभाग की ओर से सभी छात्रों को खेद जताते हुए मैसेज किया गया है कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत निर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। घटना के बाद कुलसचिव डॉ राजीव मिश्रा ने विवि के आर्यभट्ट हॉस्टल का निरीक्षण कर बाहरी छात्रों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। दरअसल, जीवाजी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ स्टडीज इन मैनेजमेंट द्वारा "समकालीन प्रबंधन के लिए सतत व्यावसायिक प्रथाएं: नवाचारी समाधानों की खोज" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शनिवार को आयोजित की गई थी। दोपहर को गालव सभागार में एमबीए एचआर के छात्र प्रियांशु के साथ बाहरी और मैजनमेंट के छात्रों ने खाने को लेकर मारपीट कर दी। इस दौरान वहां लगे टेंट भी फट गया। विवाद अचानक इतना बढ़ हो गया कि कुछ देर के लिए गालव सभागार में कार्यक्रम पूरी तरह ठप पड़ गया और पुलिस को बुलाना पड़ा। बाद में कुलसचिव डॉ राजीव मिश्रा सहित अन्य अफसरों ने गालव सभागार और हॉस्टल का निरीक्षण किया। लेकिन सवाल यह है कि विश्वविद्यालय जैसे संवेदनशील शैक्षणिक परिसर में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रॉक्टर ने छात्रों की थाली से खाना चखकर की गुणवत्ता जांच
घटना के बाद डॉ. राजीव मिश्रा, प्रॉक्टोरियल बोर्ड, एंटी-रैगिंग कमेटी, चीफ वार्डन, संबंधित वार्डन के साथ हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुलसचिव ने आर्यभट्ट हॉस्टल के हर कमरे में जाकर छात्रों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं प्रॉक्टर प्रो. एसके सिंह ने मैस में छात्रों की थाली से खाना चखकर गुणवत्ता की जांच की। छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर संतोष जताया, लेकिन माहौल में फैला डर और असुरक्षा साफ नजर आई।
बाहरी छात्रों पर सख्त प्रतिबंध
कुलसचिव ने विश्वविद्यालय परिसर और हॉस्टल में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। सुरक्षा गार्डों को सख्त हिदायत दी गई कि बिना पहचान और अनुमति किसी को भी अंदर न आने दिया जाए। साथ ही सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दें।
घटना की जानकारी मिली है, लेकिन किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसलिए नियमानुसार आगे की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद ही की जा सकेगी।
डॉ. राजीव मिश्रा, कुलसचिव जीवाजी विवि
Published on:
08 Feb 2026 01:35 pm
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