5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

परिषद में समर्थन-विरोध का खेल, महाराज बाड़ा से तोरण द्वार तक सदन हंगामेदार

नगर निगम परिषद की बैठक में उस समय अजीब विरोधाभास देखने को मिला, जब आदर्श गौशाला की वित्तीय स्वीकृति पर हंगामा करने वाले पार्षद ही कुछ देर बाद समर्थन की भूमिका में नजर आए। सदन अभी इस बदलाव को समझ पाता, उससे पहले ही स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान महाराज बाड़ा, अवैध वसूली, पार्किंग […]

3 min read
Google source verification
nagar nigam parishad gwalior

सत्ता (कांग्रेस) और विपक्ष (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप इतने तीखे रहे कि सभापति को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पार्षद अनिल सांखला ने महारा बाड़े को लेकर पत्रिका में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा कि बाड़ा की वास्तविक तस्वीर सामने है।

नगर निगम परिषद की बैठक में उस समय अजीब विरोधाभास देखने को मिला, जब आदर्श गौशाला की वित्तीय स्वीकृति पर हंगामा करने वाले पार्षद ही कुछ देर बाद समर्थन की भूमिका में नजर आए। सदन अभी इस बदलाव को समझ पाता, उससे पहले ही स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान महाराज बाड़ा, अवैध वसूली, पार्किंग ठेके, अतिक्रमण और तोरण द्वार जैसे मुद्दों ने माहौल को पूरी तरह गरमा दिया। सत्ता (कांग्रेस) और विपक्ष (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप इतने तीखे रहे कि सभापति को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पार्षद अनिल सांखला ने महारा बाड़े को लेकर पत्रिका में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा कि बाड़ा की वास्तविक तस्वीर सामने है। बाड़ा चारों ओर से अतिक्रमण की चपेट में है और अवैध वसूली खुलेआम चल रही है। मदाखलत और पार्किंग से जुड़े कुछ कर्मचारी प्राइवेट (निजी) लोगों को वसूली के लिए बैठाए हुए हैं, जो प्रतिदिन 100 से 500 रुपए तक वसूल रहे हैं। सांखला ने यह भी आरोप लगाया कि पार्किंग संचालक व निगमकर्मी एक ही पर्ची को तीन से चार बार चलाकर आम जनता से पैसा वसूल रहे हैं। जब भी मदाखलत अमला कार्रवाई के लिए बाड़ा पहुंचता है, उससे पहले ही सूचना लीक हो जाती है और अवैध गतिविधियां अस्थायी रूप से बंद कर दी जाती हैं। नजरबाग मार्केट,सुभाष मार्केट के बाहर अव्यवस्था चरम पर है और कई स्थानों पर बिना अनुमति पार्किंग चलाई जा रही है। इसी मुद्दे पर गिर्राज कंसाना,बृजेश श्रीवास,मोहित जाट,देवेंद्र राठौर ने भी समर्थन करते हुए बाड़ा में चल रही अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

पार्किंग के लिए करें निविदा,अतिक्रमण भी हटाए
स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सभापति ने निगमायुक्त से कहा कि शहर के पार्किंग ठेकों की निविदा प्रक्रिया हर हाल में एक माह के भीतर पूरी की जाए और यदि निविदाएं नहीं आती हैं, तो ठेका राशि घटाकर 15 दिन के भीतर पुन: प्रक्रिया पूरी की जाए। शहर के मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर बैठे लोगों पर कार्रवाई कर उन्हें हॉकर्स जोन में स्थानांतरित करें।

तोरण द्वार पर सत्ता पक्ष व विपक्ष आमने-सामने,सभापति ने मांगी तकनीकी रिपोर्ट
सदन में तोरण द्वार का मुद्दा भी सियासी टकराव का कारण बन गया। कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार,महापौर और निगम निधि से क्षेत्र में बनाए गए तोरण द्वारों को लेकर भाजपा पार्षद आशा चौहान,बृजेश श्रीवास,देवेंद्र राठौर,गिर्राज कंसाना,रेखा त्रिपाठी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन द्वारों के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। इसलिए इन द्वारों को हटाया जाए। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव ने कहा कि यदि तोरण द्वार ट्रैफिक बिगाड़ते हैं, तो फिर चौराहों पर लगी मूर्तियों को भी हटाया जाना चाहिए। इस बयान के बाद सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए और सदन का माहौल ज्यादा गरमा गया। हालांकि सभापति ने निगमायुक्त से सवाल किया कि क्या ये तोरण द्वार सक्षम स्वीकृति लेकर बनाए गए हैं। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि इस संबंध में पूरी जानकारी एकत्र कर सदन में प्रस्तुत की जाएगी। सभापति ने निर्देश दिए कि स्वीकृति, तकनीकी अनुमति और यातायात पर प्रभाव से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट सदन के सामने रखी जाए, उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

अन्य बिंदुओं पर भी ये रहे निर्णय
-निगम स्वामित्व की व्यावसायिक संपत्तियों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाया कि कई संपत्तियां वर्षों से अनुपयोगी पड़ी हैं, जबकि उनसे करोड़ों रुपये की आय हो सकती है। सभापति ने निगमायुक्त को निर्देश दिए कि आय वृद्धि के उद्देश्य से संपत्तियों की समीक्षा कर डेढ़ माह के भीतर आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाए,ताकि राजस्व हानि रोकी जा सके।
-बैसली नदी उन्नयन को लेकर लगाए गए स्थगन प्रस्ताव पर भी सभापति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व में लिए गए ठहराव का अक्षरश: पालन किया जाए और उसकी प्रगति रिपोर्ट सदन को भेजी जाए।
-गोशाला के गौवंशों के खाद्य पदार्थ क्रय के लिए समय वृद्धि एवं वित्तीय स्वीकृति सर्वसम्मत्ति देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष व पार्षद राठौर ने जो संका जाहिर की है उसको संज्ञान में लेकर निविदा प्रक्रिया की जांच करें।

यह बोले पार्षद
अपर्णा पाटिल-फूलबाग के पास गर्म कपड़े व मैवे मिष्ठान की दुकानों से आए दिन जम लगता है। यहां कार्रवाई की जाए।
मोहित जाट-बाड़े पर छोले वाले से मदाखलत के कर्मचारी 25 हजार रुपए महीने ले रहे है।
सुरेश सोलंकी-थाटीपुर व मुरार में मदाखलत के कर्मचारी धड़ल्ले से वसूली कर रहे है। शिकायत करने पर भी आयुक्त कार्रवाई नहीं करते है।
बृजेश श्रीवास-मुरार नदी में काम नहीं हुआ फिर भी ठेकेदार को 12 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है।
सुरेंद्र साहू-गेट से कोई जाम नहीं लगता है, बृजेश के गुरु को परेशानी है।
गिर्राज कंसाना-समाज के नाम पर गेट बनाना गलत है,जनता के पैसों की बर्बादी।