
मृतक की फाइल फोटो: पत्रिका
Suicide Due To Moneylenders: राजस्थान के नोहर शहर में सोमवार सुबह कैटरिंग का काम करने वाले एक युवक ने निजी फाइनेंसरो के कर्ज और ब्याज के जाल में फंसकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 40 वर्षीय गौतम शर्मा के रुप में हुई है, जिसने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
इस घटना से उनके परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मामले के अनुसार गौतम नोहर में कैटरिंग का व्यवसाय करता था, लेकिन वह निजी फाइनेंसरो के चंगुल में फंस गया था। आत्महत्या करने से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा, इसमें तीन व्यक्तियो पर गंभीर आरोप लगाए गए है।
नोट में गौतम ने लिखा है कि 'उसे वीरेंद्र बेनीवाल, रामकुमार बेनीवाल निवासी सेक्टर नंबर पांच व कमल कंदोई साड़ी सेंटर से कुल तीन लाख रुपए ब्याज पर उधार लिए थे। इसमें एक लाख रुपए कमल कंदोई से लिए गए थे। आरोप है कि इन तीनों ने ब्याज के रुप में लाखो रुपए वसूल लिये। लेकिन उसके कागजात वापस नही किये। इतना ही नही ये लोग अतिरिक्त दस-दस लाख रुपए की मांग भी कर रहे थे और पिछले पांच वर्षों से परेशान कर रहे थे। आरोपी उसे जान से मारने की धमकिया दे रहे थे। इससे तंग आकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया है। गौतम ने लिखा है कि उक्त तीनो आदमियो से परेशान होकर मैं खुद आत्महत्या कर रहा हूं। इन तीनो ने मेरे से तीस चालीस लाख रुपए ले लिए और मेरे कागजात देने से आनाकानी कर रहे थे।'
सूचना मिलते ही नोहर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच के दौरान सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसके आधार पर मृतक के पिता सत्यनारायण शर्मा (72) की रिपोर्ट पर तीनो आरोपियों के खिलाफ धारा 108,3(5) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पिता सत्यनारायण ने बताया कि उसने शर्मा रेस्टोरेंट व कैटरिंग के नाम से व्यावसाय कर रखा है, जिसमे पुत्र गौतम सहयोग करता था। गौतम ने उसे बताया था कि वीरेंद्र और रामकुमार से दो-दो लाख तथा कमल से एक लाख उधार लिए थे। उपरोक्त राशि ब्याज सहित तीस से चालीस लाख रुपए उक्त तीनों व्यक्तियो को दे चुका है। उससे खाली कागजो और चेक पर हस्ताक्षर करवा कर आरोपियो ने रखे हुए हैं, जो उसे वापस करने के बदले में ब्लैकमेल कर रहे है। रुपए नही देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दे रहे है।
सत्यनारायण ने पुलिस को बताया कि कल शाम को रामकुमार और कमल कंदोई उसकी दुकान पर आए और गौतम के बारे में पूछताछ करने लगे। जब उसने पूछा कि गौतम से क्या काम है तो उन्होंने कहा कि हमे कोई काम नही है। हम तो वैसे ही पूछ रहे थे।
जब रात को वह दुकान से घर आया तो उसने गौतम को रामकुमार व कमल कंदोई के बारे में बार-बार पूछने पर उसने पैसे के लेनदेन, ब्लैकमेलिंग और दबाव के बारे में सारी बात बताई। इससे पहले आरोपियों के फोन भी आए थे। सोमवार सुबह करीब 8 बजे वह दुकान पर आ गया। साढ़े नौ बजे उसे फोन पर सूचना मिली तो वह वापस घर आया। गौतम ने चौबारे पर बने कमरे में दुपट्टे से फंदा लगा रखा था।
सूचना देने पर पुलिस ने आकर उसे फंदे से उतारा। पुलिस को कमरे की तलाशी में सुसाइड नोट बरामद हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियो की तलाश में जुट गई है। घटना की जानकारी मिलने पर माकपा नेता मंगेज चौधरी पुलिस थाने पहुंचे और परिवारजनो से पूरे मामले की जानकारी ली। मंगेज ने थाना प्रभारी से मिलकर पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मंगेज ने कहा कि अगर 7 दिनो के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार नही किया गया, तो वे थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरु कर देंगे। आरोप लगाया गया कि नोहर में कई निजी फाइनेंसर सक्रिय है, जिनके मकड़जाल में गौतम जैसे कई लोग फंसे हुए है।
इन फाइनेंसरों की वजह से इलाके में कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं। मंगेज ने पुलिस से मांग की कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर गौतम जैसे अन्य पीड़ितों की जान बचाई जाए। गौतम अपने परिवार का इकलौता बेटा था। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ।
लोगो मे निजी फाइनेंसरो की मनमानी पर रोष है। पुलिस से इन पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। थानाधिकारी अजय गिरधर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
Updated on:
10 Feb 2026 01:50 pm
Published on:
10 Feb 2026 01:49 pm
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