
Liver Fibrosis Symptoms (Photo- gemini ai)
Liver Fibrosis Symptoms: हाल ही में Lancet Southeast Asia जर्नल में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी ने भारत में फैटी लिवर को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। इस रिसर्च के मुताबिक, करीब 40 फीसदी भारतीयों को फैटी लिवर की समस्या है, वो भी बिना शराब पिए। इतना ही नहीं, देश की करीब 2.4 फीसदी आबादी में लिवर फाइब्रोसिस यानी लिवर का सख्त होना भी पाया गया है, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।
इस स्टडी में 27 शहरों के 7,000 से ज्यादा लोगों का डेटा शामिल किया गया। रिसर्च टीम ने साफ किया कि इसमें उन सभी लोगों को बाहर रखा गया जो शराब पीते हैं। यानी यह फैटी लिवर शराब से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल और मेटाबॉलिक कारणों से जुड़ा है।
फैटी लिवर अपने आप में कई बार कोई लक्षण नहीं दिखाता, लेकिन यही बीमारी आगे चलकर फाइब्रोसिस, सिरोसिस, लिवर फेल्योर और यहां तक कि लिवर कैंसर का कारण बन सकती है। स्टडी के प्रमुख लेखक डॉ. शंतनु सेनगुप्ता बताते हैं कि फाइब्रोसिस लिवर डैमेज की पहली सीढ़ी है, जिसे समय रहते पकड़ना बहुत जरूरी है।
रिसर्च के मुताबिक 38.9% लोगों में फैटी लिवर पाया गया। पुरुषों में यह आंकड़ा 45.9%, जबकि महिलाओं में 33% रहा। सबसे कम फैटी लिवर तिरुवनंतपुरम (27%) में, सबसे ज्यादा रुड़की और भोपाल (50%) में पाया गया। दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में यह आंकड़ा 37-42% के बीच रहा।
स्टडी में पाया गया कि फैटी लिवर वाले 93.7% लोग ओवरवेट या मोटे थे। जिन लोगों को फैटी लिवर था, उनमें ब्लड शुगर (HbA1c) का स्तर भी ज्यादा था। यानी फैटी लिवर वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है।
फाइब्रोसिस सबसे ज्यादा जोरहाट, फिर दिल्ली और जम्मू में पाया गया। डॉक्टरों का मानना है कि इसके पीछे खानपान, जेनेटिक्स और पर्यावरण जैसे क्षेत्रीय कारण हो सकते हैं।
डॉ. सेनगुप्ता कहते हैं कि हर किसी के लिए फाइब्रोस्कैन टेस्ट कराना संभव नहीं है। इसलिए उनकी टीम एक आसान स्क्रीनिंग तरीका विकसित कर रही है, जिसमें ब्लड टेस्ट, उम्र, वजन और हाइट जैसी जानकारी से यह पता लगाया जा सके कि किसे ज्यादा खतरा है।
Published on:
09 Feb 2026 05:40 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
