
अनील कुमार नाहटा
संघर्ष की विरासत को बढ़ाया आगे
राजस्थान की संस्कारशील विरासत और कर्नाटक की कर्मभूमि पर खड़ा यह व्यक्तित्व आज युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, ईमानदारी और सेवा से परदेश में भी परचम लहराया जा सकता है। उनके पिता चम्पालाल नाहटा करीब 80 वर्ष पहले रोजगार की तलाश में राजस्थान से कर्नाटक आए थे। उसी संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अनील कुमार जैन ने बीकॉम तक शिक्षा प्राप्त की और फार्मेसी में डिप्लोमा किया। वर्ष 1991 में ट्रेडिंग से औद्योगिक सफर की शुरुआत की और 1997 में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर ली। आज उनकी इकाई विभिन्न औद्योगिक कंपोनेंट्स का निर्माण कर पूरे कर्नाटक में आपूर्ति कर रही है।
सामाजिक संगठनों के माध्यम से बदलाव की पहल
अनील कुमार नाहटा न केवल सफल उद्योगपति हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। वे पिछले दो वर्षों से जीतो हुब्बल्ली चैप्टर के चेयरमैन हैं, जहां 130 सदस्य सक्रिय हैं। जीतो के माध्यम से बालिका छात्रावास का निर्माण, हर दो वर्ष में जीतो उद्भव मेला तथा 9 अप्रेल को नवकार दिवस जैसे आयोजन समाज को नई दिशा दे रहे हैं। 26 जनवरी 2025 को 400 सफाईकर्मियों का सम्मान कर उन्हें वस्त्र व भोजन प्रदान करना हो या 15 अगस्त को शौर्य सम्मान दिवस के तहत रक्षा क्षेत्र से जुड़े करीब 40 परिवारों को सम्मानित करना, ये पहलें उनकी सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। जीतो बिजनेस नेटवर्किंग में 60 उद्यमियों के साथ वे व्यापारिक सहयोग, अवसर और समझ को मजबूत कर रहे हैं।
औद्योगिक संगठनों में प्रभावी सहभागिता
रोटरी क्लब ऑफ हुब्बल्ली साउथ के 2006-07 में अध्यक्ष और वर्तमान में डिस्ट्रिक्ट सचिव रहते हुए उन्होंने 2017-18 में गरीबों के लिए रियायती डायलिसिस सुविधा के लिए छह मशीनें उपलब्ध कराईं। इसके अलावा वे नॉर्थ कर्नाटक स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष व सचिव रह चुके हैं, जो 700 सदस्यों और 27 संबद्ध संस्थाओं के साथ उद्योग हित में कार्य करता है। सिंवाची ओसवाल जैन संघ के दो बार कार्यकारिणी सदस्य और महावीर इन्टरनेशल के डायरेक्टर रह चुके हैं।
Published on:
17 Jan 2026 04:57 pm
बड़ी खबरें
View Allहुबली
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
