8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गंगा आरती की दिव्यता में डूबा बाबा गंगाराम लीला महोत्सव, राजस्थान की संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का संगम

भक्तिरस में डूबा परिसरदीपों की उजास, गूंजते मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्तों की उमड़ी आस्था के बीच कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर के देशपांडे नगर स्थित गुजरात भवन में आयोजित बाबा गंगाराम लीला महोत्सव भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। विशेष रूप से पहली बार आयोजित गंगा आरती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को काशी की दिव्य अनुभूति […]

2 min read
Google source verification
कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर में बाबा गंगाराम लीला महोत्सव के अवसर पर कलाकारों द्वारा भक्ति और आध्यात्मिक संदेशों से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए।

कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर में बाबा गंगाराम लीला महोत्सव के अवसर पर कलाकारों द्वारा भक्ति और आध्यात्मिक संदेशों से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए।

भक्तिरस में डूबा परिसर
दीपों की उजास, गूंजते मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्तों की उमड़ी आस्था के बीच कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर के देशपांडे नगर स्थित गुजरात भवन में आयोजित बाबा गंगाराम लीला महोत्सव भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। विशेष रूप से पहली बार आयोजित गंगा आरती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को काशी की दिव्य अनुभूति कराई और पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया। पूरे आयोजन के दौरान गुजरात भवन भक्तिभाव, भजन, दीपों की आभा और श्रद्धालुओं की उमंग से आलोकित रहा, जिससे यह महोत्सव शहर के लिए एक यादगार आध्यात्मिक आयोजन बन गया।

फैली संस्कृति की सुगंध
बाबा गंगाराम सेवा समिति, हुब्बल्ली के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। राजस्थान के झुंझुनूं स्थित बाबा गंगाराम धाम पंचदेव मंदिर की प्रेरणा से आयोजित इस महोत्सव ने दक्षिण भारत में भी संत परंपरा और भक्ति संस्कृति की सुगंध फैलाने का कार्य किया। कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय माहौल में भजन-कीर्तन के साथ हुई, जिसके बाद संगीतमय और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु
महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण हुब्बल्ली में पहली बार आयोजित भव्य गंगा आरती रही। वाराणसी से आमंत्रित पंडितों द्वारा विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई गंगा आरती के दौरान पूरा सभागार दीपों की रोशनी, शंखध्वनि और भक्ति संगीत से गूंज उठा। श्रद्धालु आरती के दृश्य को देखकर भक्तिरस में डूब गए और पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।

बाबा गंगाराम की लीलाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका
कार्यक्रम में कोलकाता से आए प्रसिद्ध कलाकार मधुकर ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं बाबा गंगाराम की लीलाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका ने भी दर्शकों को आकर्षित किया। आयोजकों ने बताया कि इस महोत्सव के माध्यम से राजस्थान और कर्नाटक के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंध और मजबूत हुए हैं।

कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर आयोजित गंगा आरती के मुख्य अतिथि रमन सिंगानिया एवं बालकृष्ण सराफ थे। महोत्सव के दौरान कमेटी के सदस्यों जितेन्द्र अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, लीना महाजन, कमलेश महाजन, पूनम महाजन, कौशल्या महाजन, गायत्री महाजन, मंजू महाजन, रूचि अग्रवाल, शशि महाजन, नेहा महाजन, पायल महाजन, बीना महाजन, अशोक महाजन, नरेश बापट समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।