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‘T-72 टैंक’ की ओवरहॉलिंग करेगी वीकल फैक्ट्री, दुश्मनों के ठिकानों के बनाएगा निशाना

MP News: जबलपुर का नाम देश के टैंक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट से औपचारिक रूप से जुड़ जाएगा....

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T-72 tanks

T-72 tanks (Photo Source - Patrika)

MP News: भारतीय सेना को स्वदेशी बैटल टैंक टी-72 की ओवरहॉलिंग के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब तक यह कार्य टैंक निर्माता हैवी वीकल फैक्ट्री आवडी में किया जाता था। इस स्थिति को देखते हुए आर्मर्ड वीकल निगम लिमिटेड ने वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) को विकल्प के रूप में चुना है। वीएफजे ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत दो टैंकों की ओवरहॉलिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। मास्टर जनरल सस्टेनेंस लेफ्टीनेंट जनरल अमरदीप सिंह आहूजा और एवीएनएल के सीएमडी संजय द्विवेदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे।

दक्षिण भारत से मध्य भारत आया

इसके साथ ही जबलपुर का नाम देश के टैंक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट से औपचारिक रूप से जुड़ जाएगा। वीएफजे के मुख्य महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि भारतीय सेना के लिए बैटल टैंकों की ओवरहॉलिंग का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया था, जिसे तय तकनीकी मापदंडों के अनुरूप सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। ओवरहॉलिंग का प्रोजेक्ट पहली बार दक्षिण भारत से मध्य भारत आया है। इससे वीएफजे में बड़े निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा। इस दौरान उप महाप्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी हर्ष भटनागर, नूका मुरली गवारा, श्वेता जौहरी मौजूद थे।

चेन्नई के पास स्थित

बता दें कि अब भारतीय सेना में बैटल टैंकों के ओवरहॉल की जरूरत अब बढ़ने लगी है। अभी यह काम मुख्य रूप से AVNL की हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री (HVF) में होता है। हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री आवड़ी, चेन्नई के पास स्थित है और यह देश की सबसे बड़ी टैंक निर्माण व ओवरहॉल इकाइयों में से एक मानी जाती है।

ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम

T-72 भारतीय सेना का भरोसेमंद मेन बैटल टैंक है, जो अपनी ताकत, मारक क्षमता और टिकाऊ डिजाइन के लिए जाना जाता है। इसे सोवियत संघ ने विकसित किया था, जबकि भारत में इसका निर्माण और उन्नयन स्वदेशी स्तर पर किया गया है। इसमें 125 मिमी स्मूथबोर गन लगी है, जो दुश्मन के टैंकों और मजबूत ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है।