
Rajasthan Budget (AI Image)
जयपुर। राजस्थान बजट 2026 में प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत और सुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ न्यायिक तंत्र के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर नए न्यायालय खोले जाएंगे तथा कुछ न्यायालयों को क्रमोन्नत किया जाएगा, ताकि आमजन को अपने नजदीक ही न्याय मिल सके और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो।
राजस्थान बजट 2026 में प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को आम आदमी के करीब लाने के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने विभिन्न जिलों में 15 नए न्यायालय खोलने की घोषणा की है। धोरीमन्ना (बाड़मेर), नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़), इटावा (कोटा), तारानगर (चूरू) और खाटूश्याम (सीकर) में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय खोले जाएंगे। इससे इन इलाकों के लोगों को अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
रूपवास (भरतपुर), जहाजपुर (भीलवाड़ा) और किशनगंज (बारां) में अतिरिक्त जिला एवं सैशन न्यायाधीश के न्यायालय स्थापित होंगे। नशीले पदार्थों के मामलों की तेज सुनवाई के लिए बीकानेर और निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) में विशेष एनडीपीएस कोर्ट बनाए जाएंगे। चेक बाउंस के मामलों के लिए कुचामन सिटी और पाली में एनआई एक्ट के तहत विशेष कोर्ट खुलेंगे। शाहबाद (बारां) में कैंप कोर्ट चलेगा, जबकि शेरगढ़ (जोधपुर) और सांगोद (कोटा) में सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय शुरू होंगे।
न्यायालयों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार 200 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस राशि से कोर्ट भवनों का निर्माण, आधुनिक उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। फिलहाल किराए के मकानों में चल रहे 15 अभियोजन कार्यालयों के लिए नए भवन बनाए जाएंगे, जिससे बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।
सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि अब लोगों को हर सुनवाई के लिए कोर्ट नहीं जाना पड़ेगा। राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे लोग अपने घर से ही ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। यह कदम समय और पैसे दोनों की बचत करेगा तथा न्याय प्रक्रिया को आसान बनाएगा।
Updated on:
11 Feb 2026 09:20 pm
Published on:
11 Feb 2026 09:18 pm
