
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने लगातार तीसरा फुल बजट पेश करते हुए बुनियादी ढांचे, उद्योग, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर फोकस रखा। बजट के बाद व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने प्रतिक्रिया दी है। उद्योग जगत ने लॉजिस्टिक पार्क और नए इंडस्ट्रियल पार्क की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन युवाओं के लिए विशेष पैकेज नहीं होने पर निराशा भी जताई।
फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बजट को “विकसित भारत” की सोच से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के बिना यह सपना अधूरा है। सरकार ने पीपीपी मॉडल पर लॉजिस्टिक हब स्थापित करने के लिए करीब 400 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की है। इससे परिवहन, भंडारण और निर्यात प्रक्रिया आसान होगी। उद्योगों की लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। हालांकि बिजली दरों में कमी की मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में इस दिशा में कदम उठाएगी।
जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने बजट को संतुलित बताया। उनके अनुसार विद्यार्थी, किसान, व्यापारी और आमजन सभी को ध्यान में रखा गया है। जयपुर जैसे हेरिटेज शहर में जलभराव की समस्या लंबे समय से व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी थी। बजट में इसके समाधान की योजना बनाना सकारात्मक कदम है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय बाजारों को राहत मिलेगी।
फोर्टी यूथ विंग के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि बजट में युवाओं और स्टार्टअप उद्यमियों के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई। यदि कस्टमाइज पैकेज लाया जाता तो युवा उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलता। मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, एग्री-प्रोसेसिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टरों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन योजनाएं, आसान ऋण, ब्याज सब्सिडी और टैक्स राहत की जरूरत थी। इससे नए उद्यमों को बढ़ावा मिलता और रोजगार के अवसर बढ़ते।
फोर्टी वूमेन विंग की अध्यक्ष नीलम मित्तल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि न्यू इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 350 करोड़ रुपए का प्रावधान महिला उद्यमियों के लिए बड़ा कदम है। इंडस्ट्रियल पार्क में महिलाओं को संरक्षण और सुविधाएं देने की मांग को सरकार ने गंभीरता से लिया है। जैसलमेर में पर्यटन हब और पर्यटन क्षेत्र में 10 प्रतिशत निवेश का प्रावधान भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। एग्जीक्यूटिव मेंबर पारूल भार्गव ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल सुविधाओं और रोजगार योजनाओं पर फोकस से महिलाएं अब रोजगार लेने वाली नहीं, बल्कि देने वाली बनेंगी।
Published on:
11 Feb 2026 09:15 pm
