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Aerospace Policy: राजस्थान बनेगा एयरोस्पेस-डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, नई नीति से निवेश को मिलेगी रफ्तार

Defence Manufacturing: एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी से रोजगार, स्टार्टअप और एमएसएमई को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन, निवेशकों के लिए भारी इंसेंटिव, 7 साल तक टैक्स में छूट का लाभ

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jan 28, 2026

Rajasthan Aerospace Policy: जयपुर. राजस्थान प्रदेश विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर कर रही है। कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, चिकित्सा, आधारभूत ढांचा और उद्योग के बाद अब सरकार ने राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस पॉलिसी लागू कर राज्य को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस नीति से देश के एयरोस्पेस-डिफेंस विनिर्माण क्षेत्र में राजस्थान का योगदान बढ़ेगा और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

नई नीति का उद्देश्य रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ाना, बड़े निवेश आकर्षित करना और एमएसएमई, स्टार्टअप तथा नवाचार आधारित इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत विनिर्माण इकाइयों, उपकरण व घटक निर्माताओं, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) से जुड़ी इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

नीति में विनिर्माण और सर्विस सेक्टर की परियोजनाओं को निवेश के आधार पर लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। निवेशकों को एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, पूंजीगत अनुदान या टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही रोजगार बढ़ाने पर अतिरिक्त बूस्टर इंसेंटिव भी उपलब्ध होंगे। रीको औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि लेने वाली इकाइयों को लचीली भुगतान व्यवस्था और ऑफिस स्पेस पर लीज सब्सिडी मिलेगी।

📊 राजस्थान एयरोस्पेस एवं डिफेंस पॉलिसी

विषयविवरण
नीति का उद्देश्यराजस्थान को एयरोस्पेस एवं डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाना
लक्ष्यनिवेश बढ़ाना, आत्मनिर्भरता मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना
प्राथमिक क्षेत्रविनिर्माण इकाइयां, घटक निर्माण, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, MRO सेवाएं
लाभार्थीबड़े उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्यम
निवेश श्रेणी (विनिर्माण)लार्ज (₹50–300 करोड़), मेगा (₹300–1000 करोड़), अल्ट्रा मेगा (₹1000 करोड़ से अधिक)
निवेश श्रेणी (सेवा क्षेत्र)लार्ज (₹25–100 करोड़), मेगा (₹100–250 करोड़), अल्ट्रा मेगा (₹250 करोड़ से अधिक)
प्रमुख वित्तीय प्रोत्साहन7 वर्षों तक राज्य कर का 75% पुनर्भरण
अतिरिक्त इंसेंटिवएम्प्लॉयमेंट बूस्टर, सनराइज बूस्टर, एंकर व थ्रस्ट बूस्टर
भूमि व अधोसंरचना लाभफ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट, ऑफिस स्पेस पर लीज रेंट सब्सिडी
कर व शुल्क छूटबिजली शुल्क, मंडी शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी और रूपांतरण शुल्क में छूट
ग्रीन व स्किल प्रोत्साहनग्रीन एनर्जी, कौशल विकास और आईपी क्रिएशन इंसेंटिव
अपेक्षित परिणामऔद्योगिक विकास, तकनीकी रोजगार और राज्य की आर्थिक मजबूती

सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बिजली शुल्क, मंडी शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी और रूपांतरण शुल्क में बड़ी राहत दी है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी, स्किल डेवलपमेंट और बौद्धिक संपदा सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह नीति राजस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी तथा युवाओं को तकनीकी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगी।

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