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Rajasthan: ‘बात मगरमच्छों को पकड़ने की, लेकिन पकड़ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली’, अवैध खनन पर MLA ने अपनी ही सरकार को घेरा

Rajasthan Assembly: विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने अपनी ही सरकार को भ्रष्टाचार के मामले में कटघरे में खड़ा कर दिया।

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BJP MLA Bahadur Singh Koli, Minister Sanjay Sharma (2)

मंत्री संजय शर्मा और भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली। फोटो: पत्रिका

जयपुर। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने अपनी ही सरकार को भ्रष्टाचार के मामले में कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होेंने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री कहते हैं कि बड़े मगरमच्छ नहीं बचेंगे और दूसरी तरफ रेंजर-फोरेस्टर अवैध खनन करने वाले बड़े लोगों पर कार्यवाही नहीं कर रहे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी जा रही हैं।

विधायक ने वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा से यहां तक कहा कि वे चाहे तो साथ चलें। सब सच सामने आ जाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि कार्यवाही लगातार जारी है। विधायक कोई विशेष मामला बता रहे हैं तो उस पर भी कार्यवाही की जाएगी।

विधायक बहादुर सिंह कोली ने वैर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण से संबंधित सवाल किया था। इस पर मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वैर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में क्रेशर संचालन संबंधी नियमों की पालना नहीं किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित इकाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने बताया कि क्रेशर मशीन संचालन के निर्धारित नियम हैं, जिनकी पालना किया जाना अनिवार्य है। औद्योगिक इकाइयों द्वारा क्रेशर मशीन की कन्वेयर बेल्ट को ढ़कना, परिसर के अंदर नियमित सफाई, विंड ब्रेकिंग वॉल बनाना, धूल दबाने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर (पानी का छिड़काव) तथा ग्रीन बेल्ट (पौधरोपण) करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए सख्त कार्यवाही कर रही है एवं नियमों का उल्लंघन करने पर संबेधित के विरुद्ध जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

40.93 करोड़ स्वीकृत, फिर भी ट्रोमा अस्पताल अधर में: मनीष यादव

कांग्रेस सदस्य मनीष यादव ने शून्यकाल में उप जिला एवं ट्रोमा अस्पताल निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के बजट में 40.93 करोड़ रुपए की स्वीकृति के बावजूद करीब तीन वर्ष बीत जाने पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। अक्टूबर, 2025 में तमिया स्टेडियम के निकट आवंटित भूमि बहाव क्षेत्र में पाई गई, जिसे पीडीकोर ने अस्पताल निर्माण के लिए असुरक्षित बताया।

इससे पहले भी एक अन्य स्थान को कम और अनुपयुक्त बताकर निरस्त किया जा चुका है। लगातार पांच सत्रों में मुद्दा उठाए जाने के बावजूद ठोस प्रगति नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। उन्होंने सुरक्षित, उपयुक्त भूमि के चयन, जनता की राय को प्राथमिकता देने और शीघ्र निर्माण शुरू कर शाहपुरा को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।