
सदन में बोलते हुए टीकाराम जूली।
जयपुर। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने करीब एक घंटे तक सदन में बोलते हुए भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। शेरो-शायरी और तंज के साथ उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक कामकाज और कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए।
जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में काम हो या न हो, लेकिन ब्रांडिंग पूरे जोर-शोर से चल रही है। रात 12 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय से लौटते हैं और उसकी रील बनती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के यूट्यूब चैनल पर 50 से 100 लोगों के ही व्यूज आते हैं, इसके बावजूद ब्रांडिंग के लिए 8 करोड़ रुपए का ठेका दे दिया गया। जूली ने दावा किया कि भाजपा के 118 विधायक भी यह कंटेंट नहीं देखते, जबकि दिल्ली के एक चैनल को एक शो के लिए करोड़ों रुपए दे दिए गए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चार-चार माह तक कैबिनेट बैठकें नहीं होतीं, लेकिन एक बड़े उद्योगपति के मुख्यमंत्री से मिलने के अगले ही दिन बैठक बुला ली जाती है। उन्होंने राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार यह बताने को तैयार नहीं है कि अब तक कितने एमओयू धरातल पर उतरे हैं। जूली ने आरोप लगाया कि दो साल में एक भी नई भर्ती पूरी नहीं हुई। स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म के लिए 1200 की जगह केवल 600 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने राजीव गांधी स्कॉलरशिप का नाम बदलने और सीटें 300 से घटाकर 150 करने पर भी सवाल उठाए।
जूली ने भाजपा विधायक दल की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि एक मंत्री ने खुद सरकार की हकीकत बयान कर दी थी और कहा था कि एक मंत्री की वजह से लोग गांव में घुसने नहीं देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में विधायकों को काम कराने के लिए थानेदार के पैर पकड़ने पड़ रहे हैं। मंत्री खड़े रहते हैं और अधिकारी बैठे रहते हैं। कोई विधायक धरने की धमकी देता है, कोई कुछ और कर रहा है। कांग्रेस सरकार में किसी विधायक को थानेदार के पैर छूने की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब तहसीलदार तक विधायकों से बदसलूकी कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था को लेकर जूली ने कहा कि प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कोई भी गैंगस्टर आता है, गोली मारकर चला जाता है। उन्होंने सवाई माधोपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बकरी चराने गई एक महिला के पैर काटकर उसके चांदी के कड़े निकाल लिए गए। जूली ने कहा कि विधायक प्रोटोकॉल में मुख्य सचिव से ऊपर हैं, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा विधायकों से दुर्व्यवहार हो रहा है। कहीं विधायक इस्तीफे या आत्महत्या की धमकी दे रहे हैं तो कहीं उनके समर्थक मारपीट पर उतर आए हैं।
मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए जूली ने कहा कि प्रदूषण के चलते दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना मुश्किल हो गया है। वे खुद दो-तीन दिन दिल्ली जाकर अब तक परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली जाते हैं और वहां का प्रदूषण सह रहे हैं। जूली ने व्यंग्य में कहा कि मुख्यमंत्री के फेफड़े वाकई गजब के मजबूत हैं।
जूली ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में जमीनों के सौदे हो रहे थे, जिस पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन कई गड़बड़ियां मुख्यमंत्री के नाक के नीचे ही होती रहीं। पहले लालबत्ती पर काफिला रुकवाकर सीएम की फोटो खिंचवाई जाती थी, अब दिखावा खत्म हो गया है, लेकिन जनता आज भी घंटों जाम में फंसी रहती है।
‘राजस्थान पत्रिका’ की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का उल्लेख करते हुए जूली ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि आज युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए। सदन में विभिन्न सदस्यों की ओर से पहले ही इस गंभीर मुद्दे को उठाया जा चुका है।
Published on:
05 Feb 2026 10:57 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
