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Rajasthan: 100 करोड़ का स्वीकृत बजट भी नहीं ले पाए काम, विभागों की फाइलों में दौड़ती रही ‘उड़ान’

राजस्थान में कालीबाई भील उड़ान योजना के तहत स्वीकृत 100 करोड़ रुपए का बजट एक साल से सैनेटरी नैपकिन की खरीद में इस्तेमाल नहीं हो सका।

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Udan Yojana

प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Kalibai Bhil Udan Yojana Update: कालीबाई भील उड़ान योजना के तहत सैनेटरी नैपकिन की खरीद करीब एक साल से फाइलों में ही दौड़ती रही। महिला अधिकारिता विभाग ने खुद ही सैनेटरी नैपकिन खरीद को लेकर वित्त विभाग से स्वीकृति भी ले ली, लेकिन खरीद नहीं कर पाया। इसके बाद समेकित बाल विकास सेवाएं विभाग से खरीद करवाने के लिए फाइल चलाई, लेकिन उन्होंने भी खरीद से मना कर दिया। इस पर विभाग को फिर से राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से खरीद करवाने को मजबूर होना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार सालाना करीब 500 करोड़ की उड़ान योजना के तहत करीब 90 से 100 करोड़ रुपये की राशि खरीद के लिए स्वीकृत भी थी। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं तक एक साल से सैनेटरी नैपकिन नहीं पहुंच पाए। तकनीक, टेंडर और प्रक्रिया के नाम पर आपूर्ति ठप रही। मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन दोनों ही मोर्चों पर महिला एवं बाल विकास विभाग और राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन फेल हो गए।

महिला अधिकारिता विभाग के निदेशक राकेश राजोरिया से सवाल-जवाब

सवाल : स्कूलों में पहुंचे क्यों नहीं ?

जवाब : जोधपुर संभाग में अब कुछ जगह शुरू कर दिए हैं

सवाल : सवाल यह है एक साल तक पहुंचे क्यों नहीं

जवाब : हमारा काम बजट देना और उपलब्ध करवाना है, खरीद आरएमएससीएल करता है

सवाल : आरएमएससीएल खरीद क्यों नहीं कर पाया

जवाब : तकनीकी कारण थे। हमारा काम पैसा देना और उपलब्ध करवाना है। बाकी आप आरएमएससीएल से ही पूछिये।

सवाल : विकल्प क्यों नहीं तलाशा गया ?

जवाब : यह भी आरएमएससीएल बताएगा

सवाल जो बाकी हैं

बजट समय पर दिया गया तो आपूर्ति क्यों नहीं हुई ?

एक साल तक किसी स्तर पर अलर्ट क्यों नहीं उठा ?

जिम्मेदारी तय होगी या ‘तकनीकी कारण’ ही अंतिम जवाब रहेगा ?

प्रबंध निदेशक लंबे अवकाश पर !

आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सैन ने निजी कारणों से लंबे अवकाश पर होना बताकर कोई जवाब नहीं दिया। अन्य अधिकारी उच्चाधिकारियों से पूछने का हवाल देकर बार-बार टालते रहे।