
एआई तस्वीर
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है और सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। इसके साथ ही आरक्षण निर्धारण और सीटों की लॉटरी की प्रक्रिया भी फरवरी महीने में ही पूरी करने की तैयारी है, ताकि तय समय पर चुनाव कराए जा सकें। इससे ग्रामीण राजनीति का माहौल गरमाने लगा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। वोटर लिस्ट लगभग तैयार हो चुकी है और आमजन से आपत्तियां भी आमंत्रित की गई हैं, ताकि किसी तरह की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके। आयोग के मुताबिक पहले चरण में प्रदेश की 14,600 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव होंगे।
आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया को चुनाव की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है, क्योंकि इसी के जरिए यह तय होगा कि सरपंच, वार्ड पंच और जिला प्रमुख की कौन-कौन सी सीटें किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगी। सूत्रों के अनुसार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के सात दिन के भीतर आरक्षण का फॉर्मूला लागू कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद सीटों की लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी, जिसे भी मार्च के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी बीच प्रदेश की 12 जिला परिषदों और उनसे जुड़ी पंचायत समितियों के कार्यकाल को लेकर भी सरकार के सामने अहम फैसला है। इन निकायों का कार्यकाल सितंबर से दिसंबर के बीच समाप्त होने वाला है। ऐसे में यह तय किया जाना बाकी है कि चुनाव जल्द कराए जाएं या कार्यकाल समाप्ति के करीब। सरकार के पास कानूनी रूप से छह महीने पहले बोर्ड भंग करने का विकल्प भी मौजूद है।
Published on:
03 Feb 2026 03:45 pm
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