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400 से ज्यादा किसानों की आंखों की जांच, चश्मे वितरित, 2000 से ज्यादा जौ उत्पादकों से संवाद, वैज्ञानिक खेती पर जोर

किसानों ने आरएंडडी फील्ड ट्रायल, विशेषज्ञ सत्र और सतत कृषि विषयों पर चर्चा में भाग लिया।

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जयपुर। जौ उत्पादकों के लिए आयोजित बार्ली ग्रोअर्स डे में 400 से अधिक किसानों की आंखों की जांच की गई और जरूरतमंदों को चश्मे बांटे गए। यह पहल विजनस्प्रिंग फाउंडेशन के सहयोग से की गई। विशेषज्ञों के अनुसार साफ दृष्टि से खेत में काम करने की क्षमता और सुरक्षा दोनों में सुधार होता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। चौमूं में आयोजित छठे बार्ली ग्रोअर्स डे के दौरान राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 2000 से अधिक किसानों को जोड़ा गया। 400 से ज्यादा प्रगतिशील किसानों ने आरएंडडी फील्ड ट्रायल, विशेषज्ञ सत्र और सतत कृषि विषयों पर चर्चा में भाग लिया।

कृषि वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज, मिट्टी परीक्षण, जल प्रबंधन और लागत कम करने के उपायों की जानकारी दी। डिजिटल माध्यम से बाजार भाव और फसल सलाह पहुंचाने के मॉडल पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान एबी इनबेव इंडिया ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में करीब 16 हजार टन घरेलू जौ की खरीद का लक्ष्य रखा गया है, ताकि स्थानीय किसानों को स्थिर बाजार मिल सके और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो।

कार्यक्रम में शहरी विकास एवं स्वशासन विभा मंत्री झाबर सिंह खर्रा, इंग्रिड डी राइक, ब्रातिन रॉय, कार्तिकेय शर्मा और अरुण जैकब मैथ्यूज़ सहित कृषि व सप्लाई चेन से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि बदलते मौसम और बढ़ती मांग के बीच वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती की जरूरत बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार तक सीधी पहुंच और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलती रहें तो जौ उत्पादन और आय दोनों में सुधार संभव है। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना रहा।