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पहली बार गणतंत्र दिवस पर पुलिस के ‘जासूसी चश्मे’ से मास्क-दाढ़ी लगाकर भी नहीं बच पाएंगे अपराधी

AIinPolicing: दिल्ली पुलिस एआई स्मार्ट ग्लासेस से करेगी 'रियल-टाइम जासूसी'। बदलाव के बावजूद एडवांस्ड एआई एल्गोरिदम पहचान कर लेगा। सिक्योरिटी होगी हाई-टेक।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Jan 23, 2026

AI Smart Glasses: जयपुर. एआई जासूसी चश्मे से अब अपराधी छिप नहीं पाएंगे। गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को अभूतपूर्व हाई-टेक बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहली बार AI-इनेबल्ड स्मार्ट ग्लासेस तैनात करने का ऐलान किया है। एडिशनल कमिश्नर (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने डेमो दिखाते हुए बताया कि ये 'जासूसी चश्मे' भीड़ में संदिग्धों की रियल-टाइम पहचान करेंगे, बिना लोगों को रोके। भारतीय कंपनी AjnaLens की ओर से विकसित ये ग्लासेस कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में सब-इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मी पहनेंगे। लाखों लोगों की भीड़ में अपराधियों, घोषित वांछितों और संदिग्धों को पकडऩे के लिए यह तकनीक सीसीटीवी, ड्रोन और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के साथ मल्टी-लेयर सिक्योरिटी का मजबूत हिस्सा बनेगी।

स्मार्ट ग्लासेस की शक्तिशाली कार्यप्रणाली

ये सामान्य चश्मे जैसे दिखते हैं, लेकिन इनमें बिल्ट-इन कैमरा, एआई प्रोसेसर, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम ( FRS ) और थर्मल इमेजिंग लगा है। कैमरा भीड़ के चेहरों को स्कैन करता है और दिल्ली पुलिस के सेंट्रल क्रिमिनल डेटाबेस (65,000 अपराधियों और संदिग्धों) से तुरंत मैच करता है।

60 प्रतिशत से ज्यादा मैच तो मिलेगा अलर्ट

मैच 60 प्रतिशत से ज्यादा होने पर मोबाइल पर कलर-कोडेड अलर्ट, वाइब्रेशन या साउंड आता है। मास्क, दाढ़ी, टोपी, मेकअप या बालों के बदलाव के बावजूद एडवांस्ड एआई एल्गोरिदम पहचान लेता है।

हथियार या विस्फोटक भी डिटेक्ट करेगा

थर्मल कैमरा शरीर की हीट सिग्नेचर से छिपे हथियार या विस्फोटक डिटेक्ट करता है। ग्लासेस मोबाइल से कनेक्टेड हैं, रियल-टाइम फुटेज भेजते हैं और ऑफलाइन भी काम कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन कनेक्शन से ज्यादा पावरफुल होते हैं।

सुरक्षा की नई ऊंचाई और चुनौतियां

गणतंत्र दिवस पर लाखों लोग जुटते हैं, इसलिए खतरे बढ़ जाते हैं। ये ग्लासेस सेकंडों में संदिग्धों को स्पॉट कर एक्शन तेज करेंगी। पुलिस का दावा है कि यह आम लोगों की सुरक्षा बढ़ाएगी, लेकिन प्राइवेसी को लेकर कुछ चिंताएं उठ रही हैं। फोकस राष्ट्र की सुरक्षा पर है। यह भारत में एआई के पुलिसिंग इस्तेमाल का बड़ा कदम है, जो भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था बदल सकता है।

मुख्य फीचर्स

  • रियल-टाइम फेशियल रिकग्निशन (मास्क/भेष बदलने पर भी काम)
  • थर्मल इमेजिंग से छिपे हथियार/विस्फोटक डिटेक्शन
  • 65,000 संदिग्धों का डेटाबेस से तुरंत मैच
  • मोबाइल अलर्ट सिस्टम (कलर/वाइब्रेशन)
  • भारतीय स्टार्टअप द्वारा बनाया गया है चश्मा

इसलिए खास है यह तकनीक

  • भीड़ में बिना रोके संदिग्ध की पहचान
  • सेकंडों में खतरा डिटेक्ट और एक्शन
  • पहली बार इस्तेमाल
  • सीसीटीवी ड्रोन के साथ मल्टी-लेयर सिक्योरिटी
  • आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता