
जयपुर। सर्दी के मौसम की धीरे धीरे विदाई के साथ ही गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम हल्की ठंड के बदलते मौसम का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात यह हैं कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार सर्दी से गर्मी की ओर हो रहे बदलाव में शरीर को ढलने में समय लगता है। इसी कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खासतौर पर सुबह और रात के समय हल्की ठंड और दिन में गर्मी होने से सर्द-गर्म का असर सीधे इम्युनिटी पर पड़ रहा है। इसका नतीजा खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है।
राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में सुबह से ही लंबी लाइनें लग रहीं हैं। डॉक्टर्स का कहना हैं कि बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खानपान और दिनचर्या में लापरवाही से बीमारियां जल्दी पकड़ लेती हैं।
केवल एसएमएस ही नहीं, बल्कि कांवटिया अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल, जयपुरिया अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। यहां पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और गले में संक्रमण की शिकायत लेकर आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
बदलते मौसम का असर बच्चों पर भी ज्यादा देखने को मिल रहा है। जेके लोन अस्पताल में बच्चों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। छोटे बच्चे खासतौर पर सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होने के कारण मौसम परिवर्तन का असर उन पर जल्दी पड़ता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मौसम बदलने के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें, ठंडा और बाहर का खाना खाने से बचें।
Published on:
08 Feb 2026 11:37 am
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