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राजस्थान में बीजेपी के दिग्गज नेता हेम सिंह भड़ाना का निधन, राजनीति में शोक की लहर

राजस्थान के दिग्गज नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का निधन हो गया। जयपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से अलवर सहित प्रदेश की राजनीति में शोक है।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 02, 2026

Hem Singh Bhadana Passed Away
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Hem Singh Bhadana Passed Away (Patrika File Photo)

Hem Singh Bhadana Passed Away: राजस्थान की राजनीति के दिग्गज नेता, गुर्जर समाज के प्रमुख चेहरा और पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का सोमवार सुबह करीब सात बजे निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे और पिछले करीब पांच महीने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। भड़ाना का निधन न केवल भारतीय जनता पार्टी के लिए, बल्कि समूचे राजस्थान के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

हेम सिंह भड़ाना पिछले कुछ समय से जयपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। हाल ही में उन्हें उनके अलवर स्थित निवास पर लाया गया था, जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही अलवर और उनके निर्वाचन क्षेत्र थानागाजी में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों और कार्यकर्ताओं का उनके आवास 'वीर सावरकर नगर' पर तांता लग गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भड़ाना के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे व्यक्तिगत क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने कहा, "हेम सिंह भड़ाना जी का निधन अत्यंत दुखद है। वे एक समर्पित जनसेवक थे। मैंने अस्पताल में उनके इलाज के दौरान उनकी कुशलक्षेम पूछी थी और डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।" मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

छात्र राजनीति से कैबिनेट मंत्री तक का सफर

हेम सिंह भड़ाना की राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू हुई थी। अपनी मेहनत और जनता के प्रति समर्पण के कारण वे थानागाजी विधानसभा क्षेत्र से दो बार भाजपा के विधायक चुने गए। वसुंधरा राजे सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

भड़ाना अपनी बेबाक और स्पष्टवादी छवि के लिए जाने जाते थे। अलवर शहर में रहने के बावजूद वे प्रतिदिन थानागाजी जाते थे, ताकि आमजन की समस्याओं को सुन सकें। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का पता चलने के बाद भी उन्होंने लोगों से मिलना और उनके काम करना बंद नहीं किया। 2023 के विधानसभा चुनाव में भी वे पूरी मजबूती से लड़े, हालांकि बहुत कम अंतर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

भड़ाना के परिवार में उनके दो बेटे हैं। बड़े बेटे बिजनेस संभालते हैं, जबकि छोटे बेटे सुरेंद्र भड़ाना अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए राजनीति में सक्रिय हैं। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि पूर्व मंत्री के सम्मान में पार्टी के आज के सभी प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। स्वर्गीय हेम सिंह भड़ाना का पार्थिव देह उनके पैतृक गांव बघेरी (किशनगढ़बास) ले जाया जाएगा, जहां पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।