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High Court Order: फुटपाथ और सड़कों पर बने अवैध मंदिर हटेंगे, राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त आदेश

Road Encroachment: आस्था के नाम पर अतिक्रमण नहीं चलेगा, अवैध धार्मिक निर्माण पर हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई, सार्वजनिक रास्तों से हटेंगे मंदिर, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jan 29, 2026

Rajasthan High Court

Rajasthan High Court (Patrika File Photo)

Footpath Encroachment: जयपुर। शहर में सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अवैध धार्मिक निर्माणों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने नगर निगम सहित राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक रास्तों और फुटपाथों पर बने मंदिरों के अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए। साथ ही इन स्थलों पर स्थापित मूर्तियों को आसपास के वैध मंदिरों में विधिवत शिफ्ट करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने ऐसे अवैध निर्माणों को अनुमति दी या उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। इस संबंध में जयपुर नगर निगम आयुक्त से 4 फरवरी तक शपथ पत्र मांगा गया है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि अब तक अवैध निर्माण हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश सनी मीणा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में प्रताप नगर सेक्टर-7 में सड़क पर बने मंदिर और उसकी आड़ में संचालित दुकानों को हटाने की मांग की गई थी। नगर निगम ने दुकानों को तो हटा दिया, लेकिन मंदिर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि मंदिर पुराना है और लोगों की आस्था से जुड़ा है, जबकि हाउसिंग बोर्ड ने क्षेत्र नगर निगम के अधीन होने की जानकारी दी। कोर्ट ने सात दिन में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।