
One District One Product: जयपुर. जयपुर जिले में पंच गौरव के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास को गति देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी पहल की जा रही है। “एक जिला–एक उपज” की अवधारणा के अंतर्गत जयपुर जिले के पंच गौरव में आंवले को शामिल किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ जिले की विशिष्ट पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार जिले की सभी पंचायत समितियों में प्रथम चरण में दो दिवसीय प्रशिक्षण सेमीनार आयोजित किए जा रहे हैं। ये सेमीनार 25 फरवरी तक संचालित होंगे, जिनमें किसानों को आंवला उत्पादन, इसके औषधीय गुणों, उन्नत खेती तकनीकों तथा प्रसंस्करण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर विनीता सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला कृषकों और युवा कृषकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे महिला एवं युवा सशक्तिकरण को नई दिशा मिल सके। कृषि विज्ञान केंद्र, आईएचआईटीसी दुर्गापुरा तथा कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा आंवला प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि बुधवार को शाहपुरा स्थित कृषि प्रशिक्षण हॉल में आयोजित सेमीनार में किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, उत्पादन वृद्धि और गुणवत्ता सुधार के उपायों की जानकारी दी गई। योजना के अंतर्गत क्षमता संवर्धन के लिए लगभग 38 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि आंवला मुख्यतः प्रसंस्कृत उत्पादों के रूप में उपयोग किया जाता है। स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, जिससे आंवला जयपुर की पहचान और किसानों की स्थायी आमदनी का सशक्त आधार बनेगा।
Published on:
29 Jan 2026 04:40 pm
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