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पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का मनाया मोक्ष कल्याणक महोत्सव, 250 से अधिक मंदिरों में हुए आयोजन

— प्राचीन भूगर्भ से प्रकटित भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के हुए पंचामृत अभिषेक

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जयपुर

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Abdul Bari

Jan 17, 2026

जयपुर. जैन धर्मावलंबियों की ओर से जैन धर्म के प्रवर्तक और पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) का मोक्ष कल्याणक महोत्सव शनिवार को मनाया गया। इस मौके पर शहर के दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन के साथ ही मोक्ष का प्रतीक निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस दौरान 250 से अधिक मंदिरों में अष्ट द्रव्य से पूजा अर्चना के दौरान निर्वाण कांड भाषा के सामूहिक उच्चारण के बाद लाडू चढ़ाया गया। अंत में भगवान ऋषभदेव की महाआरती की गई।
खोहनागोरियान स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, शांतिनाथ जी की खोह में भूगर्भ से प्रकटित 1000 वर्ष प्राचीन भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के पंचामृत अभिषेक किए गए। वहीं मानसरोवर अग्रवाल फॉर्म थड़ी मार्केट स्थित मंदिर में आचार्य सुंदर सागर और शशांक सागर ससंघ के सान्निध्य में, संघीजी, भट्टारक जी की नसियां, एसएफएस, सूर्य नगर, जग्गा की बावड़ी, आदिनाथ बख्शी जी, दुर्गापुरा, सेठी कालोनी, प्रतापनगर सेक्टर 17 मंदिरों में कार्यक्रम हुए। भक्ति संध्या के बाद भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान के पाठ किए गए।

यहां भी हुए कार्यक्रम
जगतपुरा महल रोड, तारानगर जैन मंदिर में भी कार्यक्रम हुआ। अभिषेक सांघी ने कहा कि आदिनाथ भगवान की ओर से प्रतिपादित सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज के युग में भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। प्रतापनगर सेक्टर आठ शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उपाध्याय उर्जयंत सागर के सान्निध्य में कल्याणक दिवस मनाया गया। शांतिनाथ महिला मंडल की अध्यक्ष स्नेहलता सोगानी ने बताया कि लाडू चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की गई।

48 दीप किए प्रज्वलित
—टोंक फाटक मधुवन कॉलोनी स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ जी के निर्वाणोत्सव पर विधान के साथ 48 दीप प्रज्वलित किए गए। इस मौके पर आर्यिका पूर्णमति की ओर से रचित भगवान आदिनाथ विधान हुआ। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अक्षय मोदी ने बताया कि बड़ी संख्या में समाजजनों ने दर्शन कर पूजा अर्चना की। मंत्री अनिल छाबड़ा ने बताया कि सुबह, अभिषेक और शांतिधारा के साथ ही निर्वाण कांड का उच्चारण कर लाडू अर्पित किया गया।

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