
जयपुर. 'न कभी नशा करेंगे और न अपने आसपास नशा होने देंगे…' कुछ इन्हीं विचारों के साथ सैकड़ों विद्यार्थी एक साथ कतारों में खड़े होकर नशे के खिलाफ शपथ लेते नजर आए। पत्रिका रक्षा कवच, नशा मुक्ति संग्राम अभियान के तहत गुरुवार को तिलक नगर स्थित एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां विद्यार्थियों को नशाखोरी की लत और उसके दुष्परिणाम बताए गए।
इस दौरान स्कूल प्रिंसिपल मंजू शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जंग केवल कानून से नहीं, बल्कि जागरूक समाज और मजबूत इरादों से जीती जा सकती है। प्राइमरी इंचार्ज सुनीता माहेश्वरी ने कहा कि कम उम्र में जिज्ञासा या साथियों के साथ नासमझी में बच्चे नशे की चपेट में आ जाते हैं, जो धीरे-धीरे लत का रूप ले लेता है। इसलिए समय रहते जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। इस दौरान छात्रा आश्ना सिंह शेखावत, प्रांजल शाह और अभिश्री ने नशे के दुष्परिणामों पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि नशा पढ़ाई, करियर और मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है।
नाट्य प्रस्तुति- नशा छोड़ने के लिए किया प्रेरित और पाई सफलता
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने एक लघु नाट्य प्रस्तुति भी दी। इसमें दिखाया गया कि किस तरह कुछ युवा गलत संगत में पड़कर नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। इस दौरान उनके दोस्त उन्हें नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्परिणाम बताते हैं और हिम्मत देकर उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। अंत में पात्र नशाखोरी से तौबा कर नई शुरुआत का संकल्प लेते नजर आते हैं। गीत-संगीत और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नाटक संपन्न होता है।
Updated on:
06 Feb 2026 09:07 pm
Published on:
06 Feb 2026 09:03 pm
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