
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और जेल सुधार को केंद्र में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। बढ़ते साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी ठगी की घटनाओं से आमजन को राहत दिलाने के लिए सरकार ने R4C की स्थापना की घोषणा की है। यह सेंटर साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों को समय पर सहायता और जागरूकता प्रदान करेगा।
सरकार का कहना है कि डिजिटल युग में अपराध के स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना जरूरी हो गया है। R4C सेंटर पुलिस और साइबर विशेषज्ञों के समन्वय से काम करेगा तथा ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल हस्तक्षेप करेगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के उद्देश्य से सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के रिवॉल्विंग फंड को 4 करोड़ से बढ़ाकर 7 करोड़ करने की घोषणा की है। अतिरिक्त राशि से जांच और ट्रैप कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राजस्थान में 5,000 नए शहरी होमगार्ड वॉलंटियर्स की भर्ती का प्रस्ताव रखा गया है। इससे पुलिस बल को सहयोग मिलेगा और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश की बढ़ती आबादी और जेलों में बढ़ते बंदियों की संख्या को देखते हुए सरकार ने जयपुर, जोधपुर, अलवर और उदयपुर में अत्याधुनिक नई सेंट्रल जेलों के निर्माण की घोषणा की है। इन परियोजनाओं पर करीब 1,200 करोड़ खर्च किए जाएंगे। नई जेलों में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर चिकित्सा सुविधा और सुधारात्मक गतिविधियों की व्यवस्था होगी।
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राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है। इससे उपभोक्ता अपने घर से ही ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। यह कदम न्याय प्रक्रिया को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Updated on:
11 Feb 2026 02:25 pm
Published on:
11 Feb 2026 01:39 pm
