
रिपोर्ट में राजस्थान के छोटे जिलों का प्रदर्शन बड़े शहरों से बेहतर रहा
राजस्थान में सुशासन के दावों के बीच राजस्थान संपर्क पोर्टल के आंकड़ों ने एक नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश के छोटे जिले शिकायतों के निस्तारण में अधिक तत्पर और प्रभावी साबित हुए हैं।
सवाई माधोपुर ने इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि राजधानी जयपुर सबसे अधिक लंबित शिकायतों के साथ दक्षता की दौड़ में पिछड़ गई है।
23 मार्च से 31 दिसंबर 2025 के बीच दर्ज शिकायतों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि सवाई माधोपुर प्रशासन ने 95.21% शिकायतों का समाधान किया है। जिले में कुल 88,605 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 84,363 का सफलता पूर्वक निस्तारण कर दिया गया।
आंकड़े बताते हैं कि भारी कार्यभार और अधिक जनसंख्या वाले बड़े जिलों में निस्तारण की दर कम रही है।
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान संपर्क पोर्टल को देश के लिए एक उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस प्रणाली की निगरानी करते हैं। श्रीनिवास के अनुसार:
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रशासनिक सुधार विभाग (DAR) अब उन बड़े शहरी जिलों में विशेष हस्तक्षेप करेगा जहाँ शिकायतों की संख्या अधिक है। आगामी सुधारों में शामिल हैं:
सरकारी विशेषज्ञों का मानना है कि केवल 'कुल संख्या' के आधार पर किसी जिले की कार्यक्षमता नहीं आंकी जा सकती। प्रतिशत आधारित निस्तारण दर यह बताती है कि कोई जिला नई शिकायतों के साथ कदम से कदम मिलाकर कितनी प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। छोटे जिलों में 'टाइट सुपरविजन' और 'क्विक डिसीजन' की वजह से बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
Updated on:
09 Feb 2026 02:50 pm
Published on:
09 Feb 2026 01:24 pm
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