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जयपुर। शेखावाटी के रेल नेटवर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रींगस-सीकर के बीच 50 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 470.34 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है।
इस परियोजना से न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि सेना, शिक्षा और पर्यटन के केंद्र माने जाने वाले इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर भी बदलेगी। दोहरीकरण से लाइन क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इससे अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा साथ ही ट्रेनों की गति में भी वृद्धि होगी।
शेखावाटी क्षेत्र पर्यटन, सेना एवं शिक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। पिलानी एवं लक्ष्मणगढ़ की गिनती भारत के प्रसिद्ध शिक्षा क्षेत्रों में की जाती है। इस क्षेत्र के बग्गड़, बिसाऊ, चिराना, डूंडलोद, चिड़ावा, फतेहपुर, काजड़ा, महेनसर, नवलगढ़ अपनी सोने-चांदी की भित्ती चित्रों वाली हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है। वहीं खाटूश्यामजी, सालासर, जीणमाता, शाकम्भरी माता के धार्मिक स्थल पूरे भारत में विशेष पहचान रखते हैं। आस्था के इन केन्द्रों पर वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है।
रींगस से सीकर रेलखंड के दोहरीकरण से रींगस और सीकर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही शिक्षा के लिए आवागमन करने वाले विद्यार्थियों को तीव्र और सुगम रेल परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। सेना के जवानों को अपने निवास स्थान तक आवागमन के लिए बेहतर रेल सुविधा प्राप्त होगी।
Updated on:
12 Feb 2026 08:15 pm
Published on:
12 Feb 2026 07:19 pm
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