31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Water Conservation: जयपुर के कानोता, चंदलाई और नेवटा बांध होंगे प्रदूषण मुक्त, सरकार ने शुरू किया वैज्ञानिक अध्ययन

Dam Cleaning Project: राजधानी के तीन प्रमुख जलाशयों के पुनर्जीवन की तैयारी तेज। जल संरक्षण में बड़ा कदम: विशेषज्ञ एजेंसी तैयार करेगी डीपीआर, पर्यटन व आजीविका को भी मिलेगा बढ़ावा।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Jan 31, 2026

Water Quality: जयपुर. राज्य सरकार जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब जयपुर के तीन प्रमुख बांध—कानोता, चंदलाई और नेवटा—को प्रदूषण मुक्त कर स्वच्छ और उपयोगी बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग ने भारत सरकार से अधिकृत विशेषज्ञ एजेंसी को इन बांधों के विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन का जिम्मा सौंपा है।
विशेषज्ञों की टीमें बांधों के जल की गुणवत्ता, प्रदूषण के स्रोतों, जल प्रवाह की स्थिति तथा पारिस्थितिक संतुलन का गहन सर्वेक्षण कर रही हैं। अध्ययन में जीआईएस आधारित मानचित्रण, जैव विविधता संरक्षण, आधुनिक जल उपचार तकनीकों का उपयोग और स्थानीय आजीविका सृजन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शीघ्र ही राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के चलते राजस्थान जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है। इन परियोजनाओं से न केवल जल की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि सिंचाई, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

रिपोर्ट में प्रदूषित जल के स्रोतों की पहचान, रोकथाम के उपाय, उपचार प्रणाली और दीर्घकालीन विकास योजना शामिल होगी। साथ ही बांधों के आसपास बोटिंग, ग्रीन पार्क, डे-नाइट टूरिज्म और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं।

📦 क्या होगा अध्ययन में?

▪ बांधों के जल की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच और नियमित परीक्षण
▪ गंदे पानी के स्रोतों व प्रदूषण फैलाने वाले कारणों की सटीक पहचान
▪ जीआईएस आधारित मैपिंग से जलग्रहण क्षेत्र का विस्तृत विश्लेषण
▪ आधुनिक जल शोधन व ट्रीटमेंट तकनीकों के उपयोग की योजना


📦 बांधों से क्या मिलेगा लाभ?

▪ नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता
▪ किसानों के लिए बेहतर सिंचाई व्यवस्था और जल आपूर्ति
▪ जैव विविधता व पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण
▪ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर


📦 पर्यटन विकास योजना

▪ बोटिंग व जल क्रीड़ा जैसी सुविधाओं का विकास
▪ ग्रीन लैंड, पार्क व मनोरंजन स्थल तैयार किए जाएंगे
▪ डे-नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देकर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा
▪ इको-टूरिज्म से पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित

उल्लेखनीय है कि ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान के तहत रामगढ़ बांध में सफाई और मिट्टी हटाने के कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। इसी मॉडल को अन्य जलाशयों पर भी लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल, बेहतर पर्यावरण और सतत विकास की सौगात देना है।