
मरु महोत्सव संपन्न होने के बाद भी स्वर्णनगरी में पर्यटन की चमक कम नहीं हुई है। आम धारणा के विपरीत, महोत्सव के बाद सैलानियों की संख्या में गिरावट नजर नहीं आ रही। ऐसे में जिससे पर्यटन क्षेत्र में खुशी और सुकून का माहौल बना हुआ है।
स्वर्णनगरी के सोनार दुर्ग, गड़ीसर सरोवर, पटवों की हवेली सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर दिनभर पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। शहर के बाजारों में भी चहल-पहल नजर आई। शाम ढलते ही सम सेंड ड्यून्स सैलानियों का प्रमुख आकर्षण केंद्र बन गया, जहां बड़ी संख्या में लोग फोटोग्राफी, केमल सफारी और जीप सफारी का आनंद लेते दिखे। देशी सैलानियों में पंजाब और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र से आने वालों की संख्या अधिक रही, वहीं दक्षिण भारत के बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे शहरों से भी पर्यटक जैसलमेर पहुंचे। इसके साथ ही विदेशी सैलानियों के समूहों की मौजूदगी ने पर्यटन के पुराने स्वर्णिम दौर की यादें ताजा कर दीं।इन दिनों नवविवाहित जोड़ों की भी अच्छी संख्या जैसलमेर पहुंच रही है। यहां आ रहे युगलों में अधिकांश दिल्ली, पंजाब और हरियाणा क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
मौसम में दिन की धूप तेज होने के कारण पर्यटक सुबह और शाम के समय भ्रमण को प्राथमिकता दे रहे हैं। महोत्सव के बाद आने वाले सैलानी पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए बोनस साबित हो रहे हैं। होटल, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प व्यापारी, गाइड, ट्रेवल एजेंट और किराये पर वाहन चलाने वालों को अच्छा काम मिल रहा है। पर्यटन व्यवसायियों को उम्मीद है कि यह सिलसिला मार्च माह तक बना रहेगा।
Published on:
03 Feb 2026 10:13 pm
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