जैसलमेर, Jun 06, 2026

जैसलमेर. बारिश के दौरान अमरसागर गेट के समीप जल भराव बनता है परेशानी का सबब। - फाइल
जैसलमेर शहर में अभी बादल पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, लेकिन मानसून की आहट के साथ ही कुछ इलाकों में चिंता का मौसम शुरू हो गया है। वजह साफ है। हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थान जलभराव, खुले सीवर, तेज बहाव और विद्युत जोखिम के कारण खतरे के केंद्र बन जाते हैं।
सवाल यह नहीं कि बारिश होगी या नहीं, बल्कि यह है कि जिन स्थानों पर हर मानसून में परेशानी सामने आती रही, वहां इस बार क्या बदला है? पत्रिका पड़ताल में यह सच सामने आया है कि हनुमान चौराहा-गीता आश्रम मार्ग, अमर सागर प्रोल, पंचायत समिति सम रोड, रेलवे स्टेशन मार्ग, गांधी कॉलोनी क्षेत्र और गर्ल्स स्कूल रोड आज भी शहर के सबसे संवेदनशील स्थानों में गिने जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही इन इलाकों की तस्वीर बदल जाती है। सड़कें दिखाई देना बंद हो जाती हैं, नालों का पानी सड़कों पर आ जाता है और आवागमन जोखिम भरा हो जाता है।
1. हनुमान चौराहा-गीता आश्रम मार्ग: शहर का प्रमुख यातायात केंद्र। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम जाती है। कई बार पानी के नीचे गड्ढे छिप जाते हैं और दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते हैं।
2. अमर सागर प्रोल: बरसाती पानी के तेज बहाव वाला क्षेत्र। पानी की निकासी धीमी पड़ने पर सड़कें अस्थायी जलाशय का रूप ले लेती हैं। आसपास रहने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
3. पंचायत समिति सम रोड: यह मार्ग हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलता है। पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होता है और सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
4. रेलवे स्टेशन मार्ग: पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता। बारिश के दौरान यहां जल-भराव पूरे शहर की छवि को प्रभावित करता है। कई बार वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ते हैं।
5. गांधी कॉलोनी क्षेत्र: आवासीय क्षेत्र होने के बावजूद यहां पानी निकासी बड़ी चुनौती बनी रहती है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है।
6.गर्ल्स स्कूल रोड: स्कूली छात्राओं की आवाजाही वाला महत्वपूर्ण मार्ग। बरसात में यहां सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन जाती है। अभिभावकों की चिंता हर वर्ष बढ़ जाती है।
- सड़क पर भरे पानी में खुले मैनहोल दिखाई नहीं देते।
- बिजली पोल के आसपास जलभराव होने पर करंट का खतरा।
- तेज बहाव में दोपहिया वाहन फिसल सकते हैं।
- रात में जलमग्न सड़कें दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती हैं।
- स्कूल मार्गों पर बच्चों की सुरक्षा सबसे संवेदनशील मुद्दा।
शहर में हर मानसून से पहले सफाई अभियान चलता है, निरीक्षण होते हैं और संवेदनशील बिंदुओं की पहचान भी की जाती है। इसके बावजूद वही स्थान बार-बार चर्चा में आते हैं। यह स्थिति बताती है कि तात्कालिक प्रबंधन और स्थायी समाधान के बीच अब भी बड़ा अंतर मौजूद है।
नगरपरिषद क्षेत्र में 13 प्रमुख बरसाती नाले हैं। नालों की नियमित सफाई कराई जाती है। वर्तमान में मानसून पूर्व विशेष अभियान चलाकर सफाई कार्य तेज गति से पूरा किया जा रहा है। टीम निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए लगातार जुटी हुई है।
-लजपालसिंह, आयुक्त, नगरपरिषद, जैसलमेर
Published on: 06 Jun 2026 08:25 pm

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