
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
PNB Gold Scam: झुंझुनूं जिले में नवलगढ़ के नानसा गेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में बड़ा गोल्ड घोटाला सामने आया है। आरोप है कि बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ने दो अन्य साथी कर्मचारियों के साथ मिलकर स्ट्रांग रूम में स्थित गोल्ड सेफ से करीब 6.50 करोड़ रुपए कीमत के लगभग 4 किलो से अधिक वजन के सोने के आभूषण चोरी कर लिए।
मामले में बैंक के वर्तमान वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग ने नवलगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकेश सिहाग ने 30 जनवरी को ही नवलगढ़ शाखा में पदभार संभाला है। उसके बाद ही घोटाले का खुलासा हुआ है।
दर्ज मुकदमे के अनुसार ग्राहकों को दिए गए गोल्ड लोन के बदले स्ट्रांग रूम की गोल्ड सेफ में सोने के आभूषणों के सैकड़ों पैकेट रखे हुए थे। इनमें से 73 पैकेटों में रखे असली सोने के आभूषण निकालकर उनकी जगह नकली आभूषण रख दिए गए, जबकि 3 पैकेटों में रखे आभूषणों का वजन कम पाया गया। बैंक की प्रारंभिक जांच में कुल 4198 ग्राम सोने के आभूषण कम मिले, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 6.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। चोरी हुए सोने की वास्तविक मात्रा का पता विस्तृत जांच के बाद चलेगा।
पुलिस ने तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार पुत्र मातादीन निवासी सीथल, बैंकिंग कॉरेस्पोडेंट संतोष कुमार सैनी पुत्र महावीर प्रसाद सैनी निवासी बाजीवाली ढाणी झाझड़, और उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी पुत्र ओमप्रकाश निवासी मुकुंदगढ़ के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संगीन धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
दो चाबियों से खुलने वाली गोल्ड सेफ की संयुक्त अभिरक्षा की जिम्मेदारी तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार और उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी के पास थी। छह दिन पहले 28 जनवरी को जब गोल्ड सेफ का चार्ज उप प्रबंधक सीमा महला को सौंपा जा रहा था, तब सेफ की जांच के दौरान पैकेटों में छेड़छाड़ सामने आई। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने आंतरिक जांच शुरू की।
जांच के दौरान बैंक शाखा में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में 21 जनवरी को शाम करीब 6.50 बजे तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी स्वर्ण आभूषणों को बॉक्स में भरकर बैंक शाखा से बाहर जाते दिखाई दिए।
इसके बाद 22 जनवरी को शाम करीब 6.30 बजे दोनों को स्ट्रांग रूम में स्थित गोल्ड सेफ के स्वर्ण पैकेटों से छेड़छाड़ करते हुए देखा गया। जांच में यह भी सामने आया कि उप प्रबंधक अनंत कुमार चौधरी के पास गोल्ड सेफ की संयुक्त अभिरक्षा के तहत एक चाबी रहती थी, जो उसने वरिष्ठ शाखा प्रबंध अमित कुमार को सौंप दी।
Updated on:
03 Feb 2026 10:56 am
Published on:
03 Feb 2026 08:45 am
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