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World Cancer Day: मेट्रो सिटी पैटर्न ने दी दस्तक, कम उम्र में बढ़े ब्रेस्ट कैंसर के केस, अलर्ट हुए चिकित्सक

Breast Cancer Cases Increased: ब्रेस्ट कैंसर की पहचान जितनी देर से होती है, इलाज उतना ही कठिन होता जाता है। स्टेज वन में जांच होने पर 97 से 100 प्रतिशत तक मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं।

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World Cancer Day

फोटो: पत्रिका

AIIMS Jodhpur Cancer Patient: एम्स जोधपुर से सामने आए आंकड़ों ने ब्रेस्ट कैंसर को लेकर नई और गंभीर तस्वीर पेश की है। अब तक उम्रदराज महिलाओं से जोड़ी जाने वाली यह बीमारी तेजी से युवावस्था की ओर बढ़ रही है। संस्थान के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में बीते एक वर्ष के दौरान ब्रेस्ट कैंसर के करीब 200 मरीजों की सर्जरी की गई, जिनमें से लगभग 60 मरीज 25 से 40 वर्ष की महिलाएं थी। इसमें से कुछ 25 से 30 वर्ष की युवतियां हैं। कम उम्र में इतने बड़े पैमाने पर सामने आए मामलों ने चिकित्सकों की चिंता बढ़ा दी है।

मेडिकल साइंस में ब्रेस्ट कैंसर को परंपरागत रूप से 60 से 70 वर्ष की उम्र के बाद होने वाली बीमारी माना जाता रहा है। इसके लिए स्तनपान न कराना, संतान में देरी और बच्चों की संख्या कम होना जैसे कारण गिनाए जाते रहे हैं। लेकिन वर्तमान में सामने आ रहे युवा मरीजों में ये कारण पूरी तरह लागू नहीं हो रहे। यही वजह है कि डॉक्टर अब इसे जीवनशैली, खानपान, हार्मोनल बदलाव और पर्यावरणीय प्रभावों से जोड़कर गहन अध्ययन कर रहे हैं। कुछ वर्ष पहले तक कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर के मामले मुख्य रूप से मेट्रो सिटी तक सीमित माने जाते थे। अब वही पैटर्न पश्चिमी राजस्थान में भी दिखाई देने लगा है।

स्टेज बदलते ही घटती जाती है इलाज की संभावना

ब्रेस्ट कैंसर की पहचान जितनी देर से होती है, इलाज उतना ही कठिन होता जाता है। स्टेज वन में जांच होने पर 97 से 100 प्रतिशत तक मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। स्टेज दो में यह आंकड़ा 90 से 95 प्रतिशत तक रहता है। स्टेज तीन में इलाज की सफलता 60 से 70 प्रतिशत तक सिमट जाती है, जबकि स्टेज चार में पहुंचने पर यह संभावना केवल 20 से 30 प्रतिशत ही रह जाती है।

1000 मरीजों की कैंसर सर्जरी

एम्स जोधपुर के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में वर्ष 2025 में करीब एक हजार मरीजों की कैंसर सर्जरी की गई।

  • 350 सर्जरी मुख, थायराॅइड, लैरिंक्स जैसे चेहरे के अंगों की
  • 200 सर्जरी ब्रेस्ट कैंसर की
  • 170 सर्जरी ओवेरियन सहित गायनी सर्जरी शामिल
  • 40 सर्जरी आहारनली की
  • 20 सर्जरी फेफडे़ सहित अन्य अंग की

पेट की जगह आहार नली का कैंसर अधिक

पश्चिमी राजस्थान में पेट (स्टोमक) की जगह आहार नली का कैंसर अधिक है। एम्स में पेट कैंसर सर्जरी के जहां 2-4 मामले हैं वहीं आहार नली के 25 से 30 मामले सामने आ जाते हैं। यह डाइटरी हैबिट के कारण होता है। ओडिशा जैसे राज्यों में पेट कैंसर अधिक है। जापान और कोरिया में भी पेट कैंसर ज्यादा है। वहां मछली खाने की वजह से पेट कैंसर के मामले अधिक है।

वैसे तो कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन युवा महिलाओं व युवतियों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले चिंता का विषय है। ऐसे में स्टेज-1 पर पहचान करके उपचार करवा लेना चाहिए। इसमें 100 प्रतिशत कैंसर ठीक हो जाता है।
डॉ.जीवन विश्नोई, एचओडी, सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग, एम्स जोधपुर