
हैँडीक्राफ्ट फाइल फोटो
भारत और यूरोपीयन यूनियन (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट एवं लकड़ी के फर्नीचर निर्यात को सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं। वर्तमान में जोधपुर से निर्यात होने वाले हैंडीक्राफ्ट फर्नीचर पर ईयू में लगभग 3 से 7 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जा रहा है, इसके अतिरिक्त अलग-अलग यूरोपीय देशों में वैट भी लागू होता है। नए समझौते से यह सभी शुल्क लगभग खत्म हो सकते हैं। व्यापार समझौते के लागू होने के बाद ईयू बाजार में फर्नीचर उत्पादों पर शुल्क शून्य होने की उम्मीद है, जिससे भारतीय विशेषकर जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट फर्नीचर का निर्यात कई गुना बढ़ सकता है। वर्तमान में जोधपुर से यूरोप को प्रतिवर्ष लगभग 2,000 करोड़ का हैंडीक्राफ्ट निर्यात किया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस पर यूरोपीयन कमीशन भारत दौरे पर
आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय काउंसिल एवं यूरोपीय कमीशन के अध्यक्ष भारत दौरे पर आ रहे हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि 27 जनवरी 2026 को भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर चल रही वार्ताओं के सफल समापन की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि ईयू के साथ व्यापार समझौता होने पर यह पिछले चार वर्षों में भारत का नौवां मुक्त व्यापार समझौता होगा।
अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों को मिलेगा विकल्प
अमरीका के लगाए गए भारी टैरिफ के कारण जोधपुर का हैंडीक्राफ्ट निर्यात करीब 40 प्रतिशत तक घट चुका है। विशेष रूप से 50 प्रतिशत तक शुल्क के चलते अमरीकी बाजार में जोधपुर के उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कमजोर हुई है। ऐसे में ईयू के साथ होने वाला यह व्यापार समझौता निर्यातकों के लिए एक मजबूत वैकल्पिक बाजार साबित हो सकता है। वर्तमान में ईयू में भारतीय लकड़ी के फर्नीचर एवं संबंधित उत्पादों पर एमएफएन आधार पर आयात शुल्क लागू है, जिससे लागत बढ़ती है और प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है। एफटीए लागू होने से यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग और हिस्सेदारी बढ़ेगी, जोधपुर सहित राजस्थान के कारीगरों और निर्यातकों को नए अवसर एवं बेहतर आय प्राप्त होगी।
ईयू बाजार में अवसर
दो दर्जन से अधिक देशों वाले यूरोपीय यूनियन की अर्थव्यवस्था 23 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, बेल्जियम जैसे देशों को मिलाकर ईयू की आबादी लगभग 45 करोड़ है, जिनकी क्रय-शक्ति और उपभोग क्षमता अत्यधिक है। वर्तमान में भारत अमेरिका को लगभग 88 अरब डॉलर और ईयू को 76 अरब डॉलर का निर्यात करता है।
नई पहचान बनाएगा
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता जोधपुर के फर्नीचर कारीगरों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नई पहचान बनाएगा। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण निर्यात में आई गिरावट की भरपाई के लिए यह समझौता एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।
- डॉ. भरत दिनेश, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
यूरोप से उम्मीदें
अमरीका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद अब ज्यादा उम्मीदें यूरोपीयन मार्केट से है। ऐसे में यदि यह ट्रेड डील होती है तो निश्चित रूप से थोड़ी राहत मिलेगी। - खेमचंद खत्री, निर्यातक
अमरीका से झटका
अमरीका की ओर से लगाया गया टैरिफ फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा। लेकिन इसके बावजूद यूरोपीयन यूनियन की ओर से जो अच्छे संकेेत मिल रहे हैं वह काफी फायदा कर सकते हैं। ऐसे में कुछ हद तक निर्यात को संबल मिलेगा।
- अशोक चौहान, निर्यातक
Updated on:
21 Jan 2026 09:14 pm
Published on:
21 Jan 2026 09:10 pm
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