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राजस्थान में बड़ी साइबर ठगी: एयरफोर्स के वारंट ऑफिसर से 1.71 करोड़ रुपए ठगे, लोन लेकर ट्रांसफर किए पैसे

जोधपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। शेयर बाजार में ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने वायुसेना स्टेशन में तैनात वारंट ऑफिसर से करीब डेढ़ महीने में 1.71 करोड़ रुपए ठग लिए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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बैंक खाता किराए पर देकर फंसा युवक (photo source- Patrika)

बैंक खाता किराए पर देकर फंसा युवक (photo source- Patrika)

जोधपुर: शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने पर मोटा मुनाफा मिलने का झांसा देकर एयरफोर्स स्टेशन में एक वारंट ऑफिसर से साइबर ठगों ने डेढ़ महीने में 1.71 करोड़ रुपए ठग लिए। वायुसैनिक ने सर्विस की विभिन्न मदों और लोन लेकर यह राशि ट्रांसफर की थी।

एयरपोर्ट थाना पुलिस के अनुसार, बिहार निवासी गोरीनंदन सिंह पुत्र ब्रजकिशोर सिंह जोधपुर वायुसेना स्टेशन में डायमंड जुबली विंग में वारंट ऑफिसर हैं। उन्होंने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ 1.71 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने की एफआईआर दर्ज कराई है।

व्हॉट्सएप पर आया था लिंक

आरोप है कि बीते साल नौ अक्टूबर को उनके व्हॉट्सएप पर एक ग्रुप से लिंक आया था। जो शेयर बाजार की ट्रेडिंग से जुड़ा था, जिस पर क्लिक करने पर वायुसैनिक के मोबाइल में एक एप इंस्टॉल हो गया, जिसमें शेयर बाजार में ट्रेडिंग और निवेश करने संबंधी जानकारी दिखाई जा रही थी। इस एप के मार्फत उन्हें निवेश करने पर मिलने वाले लाभ का दस प्रतिशत के बदले ट्रेडिंग करवाने का झांसा दिया गया था।

वह ठगों के झांसे में आ गए। 23 नवंबर को उन्होंने 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस पर एप में उसे लाभ दर्शाया जाने लगा। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए वायुसैनिक को अन्य ग्रुप के लोगों के साथ जोड़ा गया।

निवेश में देरी करना बताकर रुपए जमा करवाए

साइबर ठगों ने उनसे कहा कि लाभ की राशि तभी निकाली जा सकेगी, जब वो ग्रुप में जुड़कर निवेश करेंगे। इस पर उन्होंने 17 हजार रुपए, 40 हजार, 50 हजार और 1.68 लाख रुपए निवेश किए। फिर उनसे निवेश में देरी करना बताकर जुर्माने के तौर पर 1.70 लाख रुपए और जमा करवाए गए।

ठगों ने उनसे कहा कि उनका कुल लाभ एक करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इसे लेने के लिए उन्हें 50 लाख रुपए का लोन लेना पड़ेगा। इसके लिए वह तैयार हो गया। उसे लोन स्वीकृत कर खाते में जमा होना दिखाई देने लगा।

जब वारंट ऑफिसर ने राशि निकालने की कोशिश की तो उन्हें ब्याज सहित लोन के 51 लाख रुपए जमा करवाने का दबाव डाला गया। उन्होंने 20 लाख, 20 लाख और 11 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इस तरह वायुसैनिक ने लोन और सर्विस के विभिन्न मदों से कुल 1,71,65,000 रुपए जमा करवा दिए।

धमकियां देकर संपर्क तोड़ा

वायुसैनिक ने जमा लाभ निकालने का प्रयास किया तो उसे धमकियां दी गई। साइबर ठगों ने धमकाया कि सेना में होकर उसने बिना अनुमति निवेश किया है। अनुमति के लिए खाते से लोन लेकर रुपए जमा करवाने होंगे। यदि उसने ऐसा नहीं किया तो सीबीआई और आयकर विभाग में शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी। ठगों ने उसे ब्लॉक कर संपर्क तोड़ लिया।