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Sadhvi Prem Baisa: साध्वी की रहस्यमयी मौत में आया नया मोड़, किसने की सोशल मीडिया पोस्ट? होंगे कई चौंकाने वाले खुलासे

Sadhvi Prem Baisa's Mysterious Death: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने जोधपुर में रहस्य पैदा कर दिया है। उनकी मौत के मामले में पुलिस हत्या, आत्महत्या या अन्य कारणों से जांच कर रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का स्पष्ट कारण नहीं मिल पाया है।

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Sadhvi prem Baisa

एमजीएच की मोर्चरी में साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु पर पिता के समक्ष रोष जताते श्रद्धालु (फोटो: पत्रिका)

Sadhvi Prem Baisa Social Media Post: जोधपुर के बोरानाडा थानान्तर्गत पाल के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत गुरुवार को दूसरे दिन भी रहस्य ही बनी रही। फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या व अन्य कारण से मृत्यु के बिन्दुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग दर्ज मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत्यु का कारण स्प्ष्ट नहीं किया है। उधर, परिजन शव बालोतरा जिले के परेऊ में जास्ती गांव ले गए।

सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पिता बिरमनाथ की ओर से मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव पिता को सौंपा गया। जो शव गांव ले गए।

मृत्यु से पहले पाल में एक डॉक्टर के मार्फत मेडिकल स्टोर से आए कम्पाउण्डर ने साध्वी प्रेम बाईसा के बुधवार सुबह इंजेक्शन लगाया था। कुछ देर आराम मिलने के बाद तबीयत फिर खराब हो गई थी। तब उन्हें पाल रोड पर निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां शाम 5.50 बजे साध्वी की मृत्यु हो गई थी। इंजेक्शन के संबंध में कम्पाउण्डर से पूछताछ की गई।

बगैर पोस्टमार्टम शव आश्रम ले गए थे पिता

साध्वी प्रेम बाईसा गत मंगलवार को अजमेर के बड़ा लांबा में नौ दिवसीय श्रीमद भागवत कथा पूर्ण कर आरती नगर स्थित आश्रम लौटी थीं। बुधवार सुबह उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। हमेशा की तरह क्षेत्र में दवाइयों की एक दुकान के मार्फत डॉक्टर से जांच कराई गई थी। उन्होंने एक इंजेक्शन लिखा था, जो एक कम्पाउण्डर ने आश्रम जाकर साध्वी के लगाया था।

घंटेभर बाद साध्वी की तबीयत फिर खराब हो गई थी। उन्हें पाल रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शाम 5.50 बजे उनकी मृत्यु हो गई थी। डॉक्टर ने शव मोर्चरी ले जाने के लिए एम्बुलेंस मंगवाने का आग्रह किया था, लेकिन पिता रात साढ़े नौ बजे शव एमजीएच मोर्चरी की बजाय कार से ही पाल गांव आश्रम ले गए थे।

श्रद्धालुओं ने जताया तीव्र रोष, निष्पक्ष जांच की मांग

सााध्वी की मृत्यु का पता लगते ही आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए। बड़ी तादाद में श्रद्धालु गुरुवार को भी एमजीएच मोर्चरी के बाहर जमा हुए और आक्रोश जताया। उन्होंने साध्वी के पिता बिरमनाथ से भी पोस्टमार्टम न कराने के लिए नाराजगी जताई। हालांकि पिता ने भी जांच की मांग की। इससे पहले बुधवार देर रात बगैर पोस्टमार्टम कराए शव आश्रम लाने पर भी श्रद्धालु आक्रोशित हो गए थे। उन्होंने मृत्यु पर अंदेशा जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। एसीपी छवि शर्मा देर रात आश्रम पहुंची थी। समझाइश के बाद शव एमजीएच मोर्चरी भेजा गया था।

मोबाइल कब्जे में लिया, लेकिन स्विच ऑफ था

पुलिस ने आश्रम में दुर्घटना स्थल सील कराया है। कार में रखा साध्वी प्रेम बाईसा का मोबाइल भी कब्जे में लिया, लेकिन वो स्विच ऑफ था। पुलिस जानने का प्रयास कर रही है कि मृत्यु के तीन-चार घंटे बाद साध्वी की सोशल मीडिया आइडी पर मृत्यु के बारे में पोस्ट किसने और कैसे अपलोड की। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो ये पोस्ट पिता ने पोस्ट की थी।