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एशिया का सबसे बड़ा ‘उड़ता जंक्शन’ शुरू, यहां से बिना रुके गुजरेंगी 100 Freight Trains

Asia Largest Railway Flyover in Katni: एशिया के सबसे बड़े रेलवे फ्लाईओवर का अप ट्रैक शुरू, इस जंक्शन पर रेड सिग्नल का इंतजार हुआ खत्म...

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कटनी

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Sanjana Kumar

Jan 31, 2026

Asia Largest Railway Flyover in Katni

Asia Largest Railway Flyover in Katni(photo:patrika)

Asia Largest Railway Flyover in Katni: एशिया के सबसे बड़े रेलवे फ्लाईओवर का अप ट्रैक चालू हो गया है। इससे जंक्शन पर रेड सिग्नल का इंतजार इतिहास हो गया है। आने वाले दिनों में 90 से 100 मालगाडिय़ां बिना रुके गुजरेंगी। इससे रेलवे को 300-400 करोड़ के ईंधन और परिचालन लागत की सालाना बचत होगी।

एमपीके कटनी का रेलवे वायडक्ट उस सप्लाई चेन का हिस्सा है, जिस पर देश के बिजलीघर, फैक्ट्रियां और खनिज उद्योग टिके हैं। अभी लगभग 20 मालगाड़ियां सरपट निकल रही हैं। झलवारा कटंगी से मझगवां तक ग्रेड सेपरेटर इतना लंबा (33.40 किलोमीटर) है कि 50 मालगाड़ियां एक के पीछे एक खड़ी हो सकती हैं।

जबलपुर सीपीआरपो हर्षित श्रीवास्तव का कहना है कि भारतीय रेलवे का सबसे लंबा पुल कटनी ग्रेड सेपरेटर बन रहा है। अप ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। डाउन ट्रैक का निर्माण तेजी से हो रहा है।

ट्रेनों का संचालन और समय कम

- संचालन: फ्रेट ट्रेन संचालन में वृद्धि। बीना-कटनी रेल खंड में मालगाड़ियों की संख्या और गति में वृद्धि।

- सीधा संपर्क: कटनी-बिलासपुर, सिंगरौली के लिए अतिरिक्त लाइन से न्यू कटनी, कटनी मुड़वारा जैसे क्षेत्रों को बायपास सुविधा।

- समय की बचत: माल यातायात में वृद्धि, फ्रेट ट्रेनों के संचालन समय में कमी।

ये फैक्ट हैं रोचक

-33.40 किमी कुल लंबाई

-डाउन ग्रेड सेपरेटर: 17.52 KM

-अप ग्रेड सेपरेटर: 15.85 KM

-676 पिलर की लंबाई इतनी कि कई शहरों की कुल सीमा से भी ज्यादा

-रेल ग्रेड सेपरेटर इतना लंबा कि 50 मालगाडिय़ां एक साथ खड़ी हो जाए

-अभी गुजर रहीं 20 मालगाड़ियां

-आने वाले दिनों में 90 से 100 मालगाडिय़ां बिना रुके गुजरेंगी

-रेलवे को 300-400 करोड़ के ईंधन और परिचालन लागत की सालाना बचत होगी

-अनुमानित लागत: 1800 करोड़