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लखाखेरा में भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद्भागवत पुराण एवं पंच कुण्डीय विष्णु यज्ञ का शुभारंभ

गाजे-बाजे, कलश धारण किए श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा गांव; 30 जनवरी से 6 फरवरी तक चलेगा धार्मिक आयोजन

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 30, 2026

Bhagawati katha

Bhagwat katha

कटनी। तहसील बड़वारा अंतर्गत ग्राम लखाखेरा में शुक्रवार को भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद् भागवत पुराण एवं पंच कुण्डीय विष्णु यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। आयोजन के प्रथम दिन गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात सायंकाल कलश यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला, पुरुष एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धा भाव से चल रही थीं, जबकि पुरुष श्रद्धालु भगवा ध्वज लिए भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से संपूर्ण ग्राम भक्तिरस में सराबोर हो गया। शोभायात्रा ग्राम के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कथा स्थल श्री सिद्ध बाबा नवग्रह वाटिका पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।

सुनाई महात्म्य की कथा

इस अवसर पर कथा व्यास के रूप में राष्ट्रीय प्रवक्ता पं. नितिन देव महाराज (श्री चित्रकूट धाम) ने श्रीमद् भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा श्रवण से मानव जीवन को सही दिशा मिलती है तथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है। श्रद्धालुओं ने कथा का भावपूर्वक श्रवण किया। वहीं यज्ञाचार्य आचार्य पं. शअनुज शास्त्री महाराज वृंदावन के आचार्यत्व में पंच कुण्डीय विष्णु यज्ञ की प्रारंभिक विधियां विधिविधान से संपन्न कराई गईं। यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा।

6 फरवरी तक चलेगा आयोजन


आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, व्यवस्था एवं सुरक्षा को लेकर समुचित प्रबंध किए गए हैं। श्रीमद् भागवत पुराण एवं पंच कुण्डीय विष्णु यज्ञ का आयोजन 6 फरवरी तक निरंतर चलेगा। लोग नियमित हवन करेंगे। कथा में प्रतिदिन कुंती स्तुति, परीक्षित शाप, ध्रुव-प्रह्लाद चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा, महारास लीला, रुक्मिणी विवाह एवं सुदामा चरित्र जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।

6 फरवरी को होगा समापन

कार्यक्रम का समापन 6 फरवरी को पूर्णाहुति, विशाल भंडारा एवं विदाई समारोह के साथ किया जाएगा। कथा पारायण का समय प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा कथा प्रवचन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। यह संपूर्ण आयोजन ग्राम लखाखेरा के समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न किया जा रहा है।