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बोर्ड परीक्षा: 81 केंद्रों में कक्षा 12वीं के 9716 विद्यार्थियों ने हल किया अंग्रेजी का पर्चा, खिले विद्यार्थियों के चेहरे

तैयारी के अनुसार आया पेपर, नकल का एक भी मामला नहीं, कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, बचैया स्कूल में व्यवसायिक शिक्षा वाले बच्चों में रही असमंजस की स्थिति, सही विषय चयन न होने से बढ़ी परेशानी, जांच करने पहुंचे अधिकारी

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कटनी

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Balmeek Pandey

Feb 11, 2026

Board exams have started

Board exams have started

कटनी. माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार मंगलवार से जिले में बोर्ड परीक्षाओं का आगाज हो गया। पहले दिन कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र हल किया। प्रश्नपत्र विद्यार्थियों की तैयारी के अनुरूप आने से परीक्षा केंद्रों के बाहर निकलते समय बच्चों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ नजर आई। जानकारी के अनुसार जिले में बनाए गए कुल 81 परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 12वीं की परीक्षा आयोजित की गई। कक्षा 12वीं में कुल 12 हजार 187 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 9 हजार 816 विद्यार्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 9 हजार 716 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 100 विद्यार्थी अनुपस्थित पाए गए। राहत की बात यह रही कि जिले में नकल का एक भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ।

सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए उडऩदस्ता दलों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण किया गया। वहीं 55 परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। जिले के सभी छह विकासखंड मुख्यालय स्थित मॉडल स्कूलों को संवेदनशील केंद्र घोषित किया गया है, जहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भी विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

परीक्षार्थियों ने बयां की खुशी

अंग्रेजी का प्रश्नपत्र संतुलित और सिलेबस के अनुरूप था। ग्रामर और रीडिंग सेक्शन आसान लगा। समय प्रबंधन भी ठीक रहा। पूरी तैयारी के साथ आई थी, इसलिए आत्मविश्वास के साथ पेपर दिया और अच्छा होने की उम्मीद है।

महक बर्मन, छात्रा।

पेपर उम्मीद से बेहतर रहा। लंबे प्रश्न सीधे और स्पष्ट थे। लेखन भाग में भी विकल्प अच्छे थे। परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था और निगरानी अच्छी थी, जिससे बिना किसी तनाव के शांति से परीक्षा दे सकी।

नेहा बर्मन, छात्रा।

अंग्रेजी विषय से थोड़ा डर लगता था, लेकिन प्रश्नपत्र सरल आया। पाठ्यक्रम से ही सवाल पूछे गए थे। पढ़ाई का पूरा लाभ मिला। अब अगले पेपर की तैयारी और आत्मविश्वास के साथ करूंगी।

कलेक्टर ने लिया जायजा

इसी क्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवराकला स्थित परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा कक्षों का अवलोकन किया और परीक्षार्थियों को शांतिपूर्वक परीक्षा देते पाया। इस अवसर पर एसडीएम विजयराघवगढ़ विवेक गुप्ता भी मौजूद रहे।

प्राची, छात्रा।

पेपर देते समय कोई घबराहट नहीं हुई। सीसीटीवी और अनुशासन के कारण माहौल गंभीर था, लेकिन सहयोगी भी रहा। प्रश्न समझने में आसानी हुई और सभी सवाल समय पर हल कर पाए।

शैली, छात्रा।

अंग्रेजी का पेपर न तो ज्यादा कठिन था और न ही बहुत आसान। तैयारी के अनुसार सवाल आए। रीडिंग पैसेज और लेखन भाग अच्छे थे। केंद्र पर अनुशासन और शांति बनी रही, जिससे ध्यान केंद्रित रहा।

शुभांक चौधरी।

पेपर से संतुष्ट हूं। पहले से किए गए अभ्यास का फायदा मिला। समय पर्याप्त था। नकल जैसी कोई गड़बड़ी नहीं दिखी। प्रशासन की सख्ती के कारण परीक्षा निष्पक्ष माहौल में हुई।

शिवा श्रीवास।

अंग्रेजी विषय में डर था, लेकिन प्रश्नपत्र सरल निकला। सभी प्रश्न सिलेबस से थे। शिक्षक द्वारा दी गई तैयारी कारगर साबित हुई। अब आगे की परीक्षाओं को लेकर आत्मविश्वास बढ़ गया है।

प्रियांशु दाहिया, छात्र।

पहले दिन का पेपर अच्छा गया। केंद्र पर व्यवस्थाएं बेहतर थीं। उडऩदस्ता और निगरानी के कारण अनुशासन रहा। बिना किसी दबाव के परीक्षा दी और अच्छे अंक आने की उम्मीद है।

मोहित चक्रवर्ती, छात्र।

बचैया स्कूल में मचा बवाल

बहोरीबंद क्षेत्र के बचैया हॉयर सेकंडरी स्कूल में बवाल की स्थिति बनी। यहां पर 29 बच्चे दर्ज हैं। 5 विद्यार्थी ऐसे थे, जिन्होंने वोकेशनल कोर्स लिया था, जिसमें से उन्होंने अंग्रेजी विषय छोडकऱ हिंदी को चुना था, परीक्षा फॉर्म भी नहीं भरा, लेकिन किसी के कहने पर वे इस बात पर अड़ गए कि हमें भी अंग्रेजी की परीक्षा दिलवाई जाए। अभिभावकों ने भी आपत्ति दर्ज कराई। बवाल मचता देख अधिकारियों ने मार्चा संभाला। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि ने बताया कि जांच के लिए एडीपीसी धनश्री जैन व व्यवसायिक समन्वयक राकेश बारी को भेजकर जांच कराई गई है। यदि ये बच्चे चाहेंगे तो दोबारा भी परीक्षा दे सकेंगे। वहीं दो छात्राओं का एक जैसा नाम होने के कारण एक का हिंदी विषय तो एक का अंग्रेजी विषय एडिशनल लेने में छूट गया है, जिससे उनको परेशानी होगी।