
ओंकारेश्वर में खुलेआम शराब बिक्री की जा रही है।
प्रदेश सरकार ने राज्य में ओंकारेश्वर समेत 19 तीर्थ स्थलों में एक अप्रेल-2025 से धार्मिक और पवित्र स्थलों पर शराब बिक्री और उसके सेवन पर रोक लगाई है। प्रतिबंध के बावजूद माफिया सक्रिय हैं। सार्वजनिक स्थल, गली-मोहल्ले और घरों से बेरोक-टोक शराब की बिक्री हो रही ।
प्रदेश सरकार ने महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में 19 पवित्र नगरों में शराब बिक्री पर रोक लगाते हुए ठेके बंद कर दिए थे। तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में एक अप्रैल 2025 से कैबिनेट का आदेश प्रभावी हुआ, लेकिन 10 माह बाद भी यहां शराब प्रतिबंध का कोई असर नजर नहीं आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में नर्मदा नदी के पांच किलोमीटर के दायरे में शराब का सबसे अधिक सेवन किया जा रहा है। इसके पीछे शराब माफिया को मिला कथित प्रशासनिक संरक्षण बताया जा रहा है।
कोठी इ-पंचायत भवन के सामने गुमटियों के पीछे स्थित गली में एक मकान से सभी ब्रांड की शराब मिल जाती है। पत्रिका टीम ने जब भाव पूछे तो बीयर 250 से 300 रुपये तक और अंग्रेजी शराब 250 से 2000 रुपये तक बताई गई। काउंटर पर युवक खिड़की पर स्कैनर लगाकर बेखौफ शराब बेच रहा था। वहीं शराब पीने की भी व्यवस्था मौजूद थी।
नगर परिषद के वार्ड-15 में गली के सामने मेन रोड पर पार्षद का बोर्ड लगा है। गली में प्रवेश द्वार से करीब 50 मीटर दूर बाईं ओर किराना दुकान की आड़ में शराब बेची जा रही है। इशारा करते ही महिला ने पूछा कौन-सी ब्रांड चाहिए ? बीयर से लेकर सभी ब्रांड उपलब्ध बताए गए। हाथ में अंग्रेजी और देशी पौवा दिखाते हुए भाव भी बताए। चार-पांच युवक काउंटर पर शराब खरीदते नजर आए। शाम ढलते ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ती गई।
कोठी के सामने दुकान पर शराब पीने की जगह पूछने पर युवक ने कहा- यहां बैठकर आराम से सेवन कर सकते हैं, जैसे अन्य लोग कर रहे हैं। पुलिस आने के सवाल पर युवक ने जवाब दिया- कोई नहीं आएगा, सब जानते हैं। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड एक, दो, तीन, पांच, आठ, दस और 15 से लेकर कोठी तक खुलेआम शराब बेची और पी जा रही है। कई जगह शाम ढलते ही अहाते जैसे हालात बन जाते हैं।
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में शराबबंदी अफसरों की लापरवाही के चलते बेमानी साबित हो रही है। यहां प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है। सार्वजनिक स्थानों से लेकर गली-मोहल्लों और घरों तक अवैध शराब की दुकानें संचालित की जा रही हैं।
पंचायत भवन के सामने, वार्ड क्रमांक एक, दो, तीन, आठ, दस और 15 में बेखौफ शराब कारोबार चल रहा है। कई जगह बाकायदा अहाते खोलकर शराब पिलाई जा रही है। शराब के खुले सेवन से धार्मिक नगरी की आस्था भी शर्मसार हो रही है। पत्रिका ने ओंकारेश्वर में शराबबंदी की जमीनी हकीकत जानी तो माफिया के आगे प्रतिबंध के आदेश दम तोड़ते नजर आए।
इन धार्मिक स्थलों में रोक
प्रदेश सरकार ने ओंकारेश्वर, महेश्वर, मैहर, चित्रकूट, ओरछा, दतिया, पन्ना, अमरकंटक और सलकनपुर सहित 19 धार्मिक स्थलों और पवित्र नगरियों में शराब बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को मंजूरी दी थी।
पत्रिका से राजेश पटेल की कलेक्टर ऋषव गुप्ता से सीधी बात :
पत्रिका : धार्मिक स्थल पर शराब बिक्री और सेवन पर रोक है, फिर भी यह क्यों बिक रही है ?
कलेक्टर : आपने संज्ञान में लाया है, जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
पत्रिका : ओंकारेश्वर में शराब बेखौफ बेची जा रही है, कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ?
कलेक्टर : आबकारी विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
पत्रिका: प्रशासन की सख्ती के बावजूद शराब माफिया सक्रिय हैं, क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे?
कलेक्टर : सख्त निगरानी रखी जाएगी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
Updated on:
08 Feb 2026 12:15 pm
Published on:
08 Feb 2026 11:49 am
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