
पत्रिका : एआई फोटो
निगम कर्मचारियों को अब इ-अटेंडेंस नहीं भरना भारी पड़ रहा है। ऐसे कर्मचारियों का अब वेतन कटना शुरू हो गया है। निगम में दिसंबर माह में काम से गैरहाजिर पाए गए 140 कर्मचारियों का 22 लाख रुपए का वेतन काटा गया। जनवरी माह में करीब 100 कर्मचारियों का 13 लाख कटेंगे।
नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगम में अक्टूबर 25 से ई-अटेंडेस की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत कर्मचारियों को फेस रीडिंग के माध्यम से कार्यालय में उपस्थिति दर्ज की जा रही है। कर्मचारियों को नवंबर माह तक फेस रीडिंग के लिए समय दिया गया था। दिसंबर माह में करीब 140 कर्मचारियों ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। इसके चलते इनका करीब 22 लाख रुपए का वेतन काट लिया गया।
वेतन कटने वालों में अधिकांश मोहर्रिर और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के साथ ही सफाई कर्मी भी शामिल हैं। वहीं अब जनवरी माह का वेतन पत्रक बना तो उसमें अब 100 कर्मचारी फेस रीडिंग में अनुपस्थित पाए गए है। इन कर्मचारियों का फरवरी में आने वाले वेतन में 12-13 लाख रुपए काटने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
फिल्ड कर्मचारी को मिले छूट वेतन कटने से कर्मचारियों में नाराजगी है। जिन कर्मचारियों का वेतन कटा है वह सब छोटे कर्मचारी होकर फिल्ड में कार्यरत है। इनमें से कुछ कर्मचारियों के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है। कर्मचारी बता रहे हैं कि फिल्ड में तैनात कर्मचारियों को इससे छूट मिलना चाहिए। पूर्व की तरह ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति मिलना चाहिए।
निगम में इ-अटेंडेंस की प्रक्रिया शुरु होने पर इ-एचआरएमएस में 1418 कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें जनवरी माह में 1300 कर्मचारियों ने अटेंडेंस का उपयोग किया है। अभी भी 100 से अधिक कर्मचारियों की इ-अटेंडेंस में उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है।
नगरी प्रशासन ने ई-अटेंडेंस की व्यवस्था में थंब इंप्रेशन की जगह फेस रीडिंग शुरू की है। इसमें कर्मचारियों को मोबाइल ऐप पर ही संबंधित कार्यालय पर जाकर फेस रीडिंग करना होती है। कार्यालय का कर्मचारी कार्यालय में लगी मशीन में फेस रीडिंग के तहत उपस्थिति दर्ज करेगा। वहीं फिल्ड कर्मचारी अपने जोन पर सुबह शाम दो बार मोबाइल से ही ऐप पर फेस रीडिंग के जरिए उपस्थिति दर्ज करेगा।
प्रियंका सिंह राजावत, आयुक्त, नगर निगम...सभी कर्मचारी ई-अटेंडेंस में निर्धारित समय पर उपस्थित दर्ज करें। जिससे वेतन में कटौती नहीं हो। ई-अटेंडेंस की रिपोर्ट के आधार पर वेतन जारी किया जा रहा है। व्यवस्था लागू होने के बाद दो माह समय दिया गया। जनवरी से रिपोर्ट के आधार पर वेतन जारी हो रहा है।
अभिषेक तिवारी, अध्यक्ष, निगम कर्मचारी संघ...इ-अटेंडेंस व्यवस्था में ऐसे कर्मचारियों को छूट मिलनी चाहिए। जिन्हें एंड्राइड मोबाइल ऑपरेट करना नहीं आता है या फिर जिनके पास मोबाइल नहीं है। जोन स्तर के अधिकारियों से सत्यापन की रिपोर्ट के आधार पर वेतन जारी किया जाना चाहिए। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
Published on:
04 Feb 2026 12:07 pm
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
