
भाजपा शासित राज्यों में काम कर रहे हर बंगाली को निशाना बनाया जा रहा: भट्टाचार्य
कोलकाता. शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पुणे में प्रवासी श्रमिक की मौत को लेकर गुरुवार को भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा शासित राज्यों में काम कर रहे हर बंगाली को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुलिया के प्रवासी श्रमिक सुखेन महतो की निर्मम हत्या केवल बंगाली होने के कारण की गई। नेताओं ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी का अमृत काल है, जहां स्वतंत्र रूप से घूमने, कहीं भी काम करने और अपनी मातृभाषा बोलने जैसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। यह अमित शाह का “विकसित भारत” है, जहां परिवार के एकमात्र कमाने वाले को उसकी पहचान के कारण मौत के घाट उतार दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले दलितों, आदिवासियों और कुरमियों के सहयोगी होने का दावा करती है, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है तो वे हिंसा फैलाते हैं। दोनों ने इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” बताया। तृणमूल नेताओं ने कहा कि भाजपा बंगाल की भाषा को चुप कराना चाहती है, संस्कृति को मिटाना चाहती है और गरिमा के स्थान पर समर्पण चाहती है। यह अब भाजपा का शासन सिद्धांत बन गया है।
मुख्यमंत्री ने आक्रोश व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि वह “शब्दों से परे स्तब्ध, क्रोधित और व्यथित” हैं। उन्होंने तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की तथा शोकाकुल परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य उनके न्याय की लड़ाई में साथ खड़ा है।
प्रवासी श्रमिक सुखेन महतो का शव बुधवार दोपहर पुणे शिकारपुर थाना क्षेत्र के कोरेगांव भीमा इलाके से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुखेन वर्ष 2021 से पुणे में कार्यरत था। वह अपने बड़े भाई के साथ एक ऑटो पार्ट्स निर्माण इकाई में काम करता था। परिवार का आरोप है कि उसे बंगाली होने के कारण निशाना बनाया गया। हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के समय बड़े भाई की नाइट शिफ्ट थी, जिसने बाद में शिकायत दर्ज कराई।
Published on:
13 Feb 2026 01:35 pm
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