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पहले दो भागे थे, अब 7 को और ले गए, बाल संप्रेषण गृह से 9 बाल अपचारी फरार

आरकेपुरम थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेषण (सुधार) गृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रविवार तड़के सुरक्षा गार्ड की गंभीर लापरवाही के चलते यहां से 9 बाल अपचारी फरार हो गए। इन नाबालिगों पर पॉक्सो एक्ट, लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। खास बात यह है […]

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nine juvenile offenders have escaped from the juvenile home in kota

nine juvenile offenders have escaped from the juvenile home in kota

आरकेपुरम थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेषण (सुधार) गृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रविवार तड़के सुरक्षा गार्ड की गंभीर लापरवाही के चलते यहां से 9 बाल अपचारी फरार हो गए। इन नाबालिगों पर पॉक्सो एक्ट, लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।

खास बात यह है कि इनमें वे दो बाल अपचारी भी शामिल हैं, जो 2 जनवरी को इसी संप्रेषण गृह से फरार हुए थे। इस बार वही दोनों अपने साथ 7 अन्य नाबालिगों को लेकर फरार हो गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी बाल अपचारियों ने फरारी की साजिश पहले से बना रखी थी। रविवार सुबह करीब 4 बजे सभी नाबालिग फ्रेश होने का बहाना बनाकर उठे। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने बिना किसी सतर्कता के उन्हें अंदर के ताले की चाबी सौंप दी। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर नाबालिगों ने अंदर के दरवाजे खोल दिए और सुधार गृह के बीच बने चौक से होते हुए छज्जे पर चढ़ गए।

छत पर पहुंचने के बाद नाबालिगों ने पहले से छिपाकर रखी आरी से लोहे की जाली को काटा। कपड़ों की मदद से लोहे के सरियों को मोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। इसके बाद एक-एक कर सभी 9 बाल अपचारी छत के रास्ते संप्रेषण गृह से फरार हो गए। घटना के बाद आधे घंटे बाद संप्रेषण गृह प्रशासन को जैसे ही पता चला तो हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

पहले भी भागे थे दो बाल अपचारी

गौरतलब है कि इससे पहले 2 जनवरी को भी आरकेपुरम स्थित इसी बाल संप्रेषण गृह से 2 बाल अपचारी फरार हो गए थे। उस समय भी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। दोनों नाबालिगों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी का फायदा उठाकर संप्रेषण गृह से बाहर निकलने में सफलता पाई थी। बाद में आरकेपुरम थाना पुलिस ने दोनों को पकड़कर वापस संप्रेषण गृह भेज दिया था। हालांकि, उस घटना के बाद न तो सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाए गए, न ही निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया। यही कारण रहा कि वही दोनों बाल अपचारी एक बार फिर फरारी की साजिश में शामिल रहे और इस बार अपने साथ 7 अन्य नाबालिगों को भी लेकर भाग निकले।

नाबालिगों की तलाश के लिए टीमें गठित

सीआइ रामविलास ने बताया कि बाल संप्रेषण गृह प्रशासन की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में 9 बाल अपचारियों के फरार होने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। फरार नाबालिगों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पूर्व में भी गार्ड के खिलाफ दी थी शिकायत

गौरतलब है कि पूर्व में भी 2 बाल अपचारी को भगाने में गार्ड द्वारा मदद की बात सामने आई थी। इसकी जांच होने के बाद गार्ड के खिलाफ आरकेपुरम थाने में शिकायत दी गई थी। इस बार भी पुलिस वहां पर तैनात गार्ड की भूमिका की जांच कर रही है। यदि इस बार भी उनकी मिलीभगत उजागर होती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधीक्षक ने नहीं दिया जवाब

इस संबंध में बाल संप्रेषण गृह के अधीक्षक निशांत को पत्रिका संवाददाता ने कॉल व मैसेज किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।